Breaking News
  • AAP को झटका, गोवा अध्यक्ष अमित पालेकर का पार्टी से इस्तीफा
  • अभी तक नहीं किया ये काम? 30 नवंबर के बाद रुक जाएगी आपकी पेंशन
  • बहराइच में तेंदुए के दो हमले: महिला की मौत, 8 साल का बच्चा गंभीर
  • द‍िल दहला देने वाला सड़क हादसे में सरकारी टीचर की मौत
  • लड़कियों संग छेड़छाड़ के खिलाफ ऐश्वर्या ने उठाई आवाज, बोलीं- ड्रेस-लिपस्टिक को दोष मत दो

'पीएम उषा योजना'

में मिले 100 करोड़ रु. खर्च करने का समय कम, राशि लैप्स का खतरा

निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं, लेकिन उपकरण खरीदी का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे विश्वविद्यालय प्रबंधन को चिंता है कि मार्च 2026 तक सभी कार्य पूरे होंगे या नहीं।कुलगुरु द्वारा तय की गई समय सीमा

में मिले 100 करोड़ रु खर्च करने का समय कम राशि लैप्स का खतरा

कुलगुरु प्रो. आचार्य ने काम में ढील दिखाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी
जीवाजी विश्वविद्यालय को निर्माण कार्य, जीर्णोद्धार, उपकरण खरीदी और सेमिनार जैसे कार्य कराने के लिए पीएम उषा योजना के तहत 100 करोड़ रुपए का अनुदान मिला था। इन कार्यों को मार्च 2026 तक पूरा करना था, लेकिन विश्वविद्यालय में काम की रफ्तार धीमी होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि कहीं अनुदान का हिस्सा लैप्स न हो जाए।
कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने योजना के तहत होने वाले कार्यों को लेकर बुधवार शाम को सभी विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि इस काम में कोई ढिलाई दिखाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी काम समय पर पूरे किए जाएं ताकि अनुदान राशि समय पर खर्च की जा सके।
अनुदान का विवरण
पीएम उषा योजना के तहत कुल 100 करोड़ रुपए का अनुदान मिला है, जिसमें से:

  • 43.54 करोड़ रुपए नए निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए
  • 40.32 करोड़ रुपए उपकरणों की खरीदी के लिए 
  • 16.14 करोड़ रुपए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सेमिनार, एमओयू आदि पर खर्च किए जाने हैं

निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं, लेकिन उपकरण खरीदी का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे विश्वविद्यालय प्रबंधन को चिंता है कि मार्च 2026 तक सभी कार्य पूरे होंगे या नहीं।
कुलगुरु द्वारा तय की गई समय सीमा
सभी अकादमिक प्रभारी 31 दिसंबर तक राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय संस्थानों के साथ कम से कम दो एमओयू साइन करें।50 हजार रुपए से अधिक मूल्य के उपकरण 15 दिसंबर से पहले खरीदे जाएँ। इसकी रिपोर्ट कुलगुरु सचिवालय में देना अनिवार्य है। औद्योगिक भ्रमण और प्रोजेक्ट विजिट भी समय पर कराई जाएं। 

  • टेंडर कमेटी, टेक्निकल कमेटी, परचेज कमेटी, सॉफ्टवेयर कमेटी और अन्य कमेटियां हर गुरुवार को कुलगुरु को रिपोर्ट करेंगी। 
  • कान्फ्रेंस, सेमिनार, ट्रेनिंग और वर्कशॉप 31 जनवरी 2026 तक पूरे किए जाएं। 
  • शोध को पेटेंट कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। 
  • शारीरिक शिक्षा के शिक्षण और शोध के लिए 2.5 करोड़ रुपए के खेल उपकरण जल्द खरीदे जाएं।

परेशानी का कारण
उपकरणों की खरीदी के लिए प्रत्येक विभाग से प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे। कुछ विभागों ने प्रस्ताव देर से भेजे, जिससे टेंडर जारी करने में भी देरी हुई। टेंडर होने के बाद भी खरीदी की प्रक्रिया में दो से तीन माह का समय लगेगा।

Related to this topic: