मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास

मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास: 12 उद्यानिकी उत्पादों को एक साथ मिला GI टैग, देश में पहली बार बना रिकॉर्ड

मध्य प्रदेश में 12 उद्यानिकी उत्पादों को GI टैग मिलने से राज्य ने देश में एक नई उपलब्धि स्थापित की, जिससे किसानों को बड़ा लाभ होगा।

By : नरेंद्र सिंह
मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास: 12 उद्यानिकी उत्पादों को एक साथ मिला GI टैग, देश में पहली बार बना रिकॉर्ड

किसानों और प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि

मध्य प्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए एक साथ 12 उद्यानिकी उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग दिलाने में सफलता हासिल की है। देश में पहली बार किसी राज्य को एक साथ इतनी बड़ी संख्या में उद्यानिकी उत्पादों के लिए जीआई टैग मिला है। इसे प्रदेश के किसानों, कृषि और स्थानीय उत्पादों की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने वाली बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।प्रदेश सरकार अब वर्ष 2030 तक उद्यानिकी फसलों का रकबा 28 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 30 लाख हेक्टेयर करने की कार्ययोजना पर काम कर रही है।

इन 12 उत्पादों को मिला GI टैग

  • गुना का कुम्भराज धनिया

  • नरसिंहपुर (बरमान घाट) का बैंगन

  • बैतूल का गजरिया आम

  • खरगोन की लाल मिर्च

  • मांडू की खुरासानी इमली

  • जबलपुर का हरी मटर

  • सिवनी का जंबो सीताफल

  • मालवी आलू

  • मालवी गराडू

  • नरसिंहपुर का गुड़

  • जबलपुर का सिंघाड़ा

  • आलीराजपुर का नूरजहां आम

  • बुरहानपुर का केला

  • इंदौर का जीरावन मसाला

  • रतलाम (सैलाना) की बालम ककड़ी

  • छतरपुर का पान

(उपलब्ध सूची में कुछ उत्पादों का भी उल्लेख है। आधिकारिक अधिसूचना में अंतिम स्वीकृत सूची के अनुसार संख्या 12 बताई गई है।)

सात अन्य उत्पादों के लिए भी प्रयास जारी

  • उज्जैन की इमली

  • आलीराजपुर का अचारी आम

  • मालवा का सफेद प्याज

  • झाबुआ का दाल पानिया

  • मंदसौर का देशी जीरा

  • बुरहानपुर की जलेबी

  • अशोकनगर की खिरनी

क्या है GI टैग और क्यों है महत्वपूर्ण?

जीआई (Geographical Indication) टैग किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र से जुड़े ऐसे उत्पाद को दिया जाता है जिसकी गुणवत्ता, पहचान या विशेषता उस क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों या पारंपरिक कौशल से जुड़ी होती है।

इन उत्पादों की खास पहचान

  • कुम्भराज धनिया (गुना): देश के कुल धनिया उत्पादन में लगभग 20–25 प्रतिशत योगदान। तीखी सुगंध और बेहतर स्वाद इसकी पहचान है।

  • बरमान बैंगन: नर्मदा की बालुई मिट्टी में उगने के कारण इसका स्वाद अलग माना जाता है।

  • गजरिया आम: बैतूल में लगभग 500 वर्षों से उगाई जा रही पारंपरिक किस्म।

  • खरगोन लाल मिर्च: निमाड़ क्षेत्र की मिर्च चीन, पाकिस्तान, मलेशिया और सऊदी अरब सहित कई देशों में निर्यात होती है।

  • मांडू की खुरासानी इमली: ऐतिहासिक रूप से 14वीं शताब्दी से जुड़ा उत्पाद, जिसे मांडवी इमली भी कहा जाता है।

  • सिवनी जंबो सीताफल: 600–700 ग्राम तक वजन वाला बड़ा फल इसकी विशेषता है।

  • जबलपुर हरी मटर: कम अवधि वाली प्रमुख रबी फसल, जिसका उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है।

  • मालवी गराडू: मालवा क्षेत्र का पारंपरिक खाद्य उत्पाद, जिसका उपयोग कई व्यंजनों में किया जाता है।

2030 तक बड़ा लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाने का आह्वान किया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 30 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि निर्यात को मजबूती देने में मदद मिलेगी।

संबंधित सामग्री

स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है करौंदा, जानिए इसके फायदे

स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है करौंदा, जानिए इसके फायदे

करौंदा, जो भारत में लोकप्रिय है, न केवल खाद्य संवर्धन में बल्कि आयुर्वेदिक उपयोग में भी महत्वपूर्ण है, जिसमें विटामिन सी और फाइबर समृद्ध होते हैं।

MP में 27 अगस्त की भी छुट्टी: हाईकोर्ट समेत जिला कोर्ट बंद, लगातार 5 दिन का ब्रेक

MP में 27 अगस्त की भी छुट्टी: हाईकोर्ट समेत जिला कोर्ट बंद, लगातार 5 दिन का ब्रेक

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और जिला कोर्ट्स 27 अगस्त को बंद रहेंगे, जिससे न्यायिक कर्मचारियों को 5 दिन की छुट्टी मिलेगी।

बारिश से हाहाकार: काशी डूबी, बिहार में बाढ़; MP के 21 जिलों में अलर्ट

बारिश से हाहाकार: काशी डूबी, बिहार में बाढ़; MP के 21 जिलों में अलर्ट

उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति। वाराणसी के 84 घाट डूबे, बिहार में 50 हजार लोग बाढ़ में फंसे।

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यूपीआई ने डिजिटल पेमेंट को दी नई रफ्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यूपीआई ने डिजिटल पेमेंट को दी नई रफ्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

UPI ने अपनी 10वीं वर्षगांठ पर भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व विस्तार किया, जिससे छोटे दुकानदारों से लेकर वैश्विक बाजार तक पहुंच बनी।

ग्वालियर कृषि के क्षेत्र में पंजाब और हरियाणा से भी आगे पहुंचेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्वालियर कृषि के क्षेत्र में पंजाब और हरियाणा से भी आगे पहुंचेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को आधुनिक खेती और फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी, ग्वालियर को कृषि में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा।

Advertisement

Uk Add पहली बार क्षेत्रीय भाषा की फिल्मो को 50% 04 on 26 Aug 2026