भोपाल। राजधानी भोपाल के सूरजनगर इलाके में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की बुधवार तड़के धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। उनका शव घर के कमरे में जमीन पर मिला। पुलिस को घटनास्थल से अलमारी के टूटे लॉक, बिखरा सामान और किचन में निकला हुआ एलपीजी पाइप मिला। पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद घर में आग लगाने की कोशिश की गई थी। प्रारंभिक जांच में दो दिन पहले ही नौकरी पर रखे गए केयरटेकर वरुण कुमार पर संदेह जताया जा रहा है।
सुबह बाहर से बंद मिला मुख्य दरवाजा
राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे जब वह मॉर्निंग वॉक के लिए निकलने लगीं तो मुख्य दरवाजा बाहर से बंद मिला। उन्होंने कर्मचारी अमर थापा को फोन किया। इसके बाद राकेश अग्रवाल के कमरे में जाकर देखा तो वह जमीन पर मृत पड़े थे। सूचना मिलने पर रातीबड़ पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या
पुलिस की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार वारदात रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच हुई। पुलिस हत्या के पीछे लूट सहित अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। घर की अलमारियों के लॉक टूटे मिले हैं और सामान भी बिखरा हुआ था।
दो दिन पहले नौकरी पर आया था केयरटेकर
वरुण कुमार को 27 सितंबर को केयरटेकर के रूप में काम पर रखा गया था। उसकी जिम्मेदारी दवाएं समय पर देना, घर की देखभाल, पानी भरना और जरूरत का सामान लाना थी। उसे घर के पिछले हिस्से में रहने के लिए कमरा भी दिया गया था। उसे भोपाल की वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के माध्यम से नौकरी मिली थी। वारदात के बाद से वरुण लापता है और उसका सामान भी घर में नहीं मिला।
CCTV में बैग लेकर जाता दिखा
पुलिस के अनुसार हत्या के करीब 15 मिनट बाद, लगभग 2:15 बजे वरुण सूरज नगर से भदभदा की ओर जाने वाली सड़क पर लगे CCTV कैमरे में दिखाई दिया। फुटेज में वह बैग लेकर जाता नजर आ रहा है। पुलिस उसकी गतिविधियों और भागने के संभावित रास्ते की जांच कर रही है। उसकी आखिरी लोकेशन कुरवाई-बीना रोड पर मिलने की बात सामने आई है।
घर में गैस भरने और आग लगाने की आशंका
घटनास्थल की जांच के दौरान किचन में एलपीजी सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला। इससे पूरे घर में गैस भर गई थी। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद सबूत मिटाने या घर में आग लगाने की योजना थी। घर से राकेश अग्रवाल का मोबाइल फोन, कुछ नकदी और अन्य सामान गायब होने की जानकारी भी सामने आई है।
चरित्र प्रमाण पत्र की वैधता खत्म हो चुकी थी
जांच में सामने आया है कि वरुण ने नौकरी के समय पंजाब पुलिस से जारी चरित्र प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। यह प्रमाण पत्र वर्ष 2025 में जारी हुआ था, लेकिन उसकी वैधता करीब पांच महीने पहले समाप्त हो चुकी थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एजेंसी ने केयरटेकर का दोबारा पुलिस सत्यापन कराया था या नहीं।
एजेंसी के रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस वर्मा होम हेल्थ केयर के कार्यालय पहुंचकर वरुण से संबंधित दस्तावेज जुटा चुकी है। एजेंसी का कार्यालय बागसेवनिया क्षेत्र में है। वारदात के बाद कार्यालय पर ताला लगा मिला। पुलिस एजेंसी के पंजीयन, संचालकों, केयरटेकरों के रिकॉर्ड और उनके सत्यापन संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रही है।
कई पुराने मामलों से जोड़ा जा रहा जांच का दायरा
पुलिस भोपाल में केयरटेकरों से जुड़े पूर्व के मामलों की जानकारी भी जुटा रही है। हाल के दिनों में बुजुर्गों के साथ घरों में हुई कुछ आपराधिक घटनाओं में परिचित अथवा देखभाल करने वाले व्यक्तियों की भूमिका सामने आई थी। इसी वजह से पुलिस शहर में काम कर रही केयरटेकर एजेंसियों के रिकॉर्ड की जांच पर भी जोर दे रही है।
बेटे के आने के बाद होगा अंतिम संस्कार
राकेश अग्रवाल 1982 बैच के आईएएस अधिकारी थे। उनका इकलौता बेटा अमेरिका में नौकरी करता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसके भोपाल पहुंचने की संभावना है। बेटे के आने के बाद शुक्रवार को भदभदा विश्रामघाट में अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस कमिश्नर ने दिए रिकॉर्ड जांच के निर्देश
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शहर में सक्रिय केयरटेकर एजेंसियों और उनके पास उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कराने की बात कही है। पुलिस पहचान, स्थायी पता, पुलिस सत्यापन और एजेंसियों के पंजीयन से संबंधित जानकारी जुटा रही है। एसीपी अंकिता खातरकर के अनुसार हत्या के मकसद, घर में प्रवेश, सामान गायब होने, गैस खोलने और वारदात के बाद केयरटेकर के फरार होने सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।