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उजाला अधिकारी प्रशिक्षण

Uttarakhand News: उजाला में 3300 कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, आईजी ट्रेनिंग ने हाईकोर्ट में दी जानकारी

उत्तराखंड न्यायिक व विधिक अकादमी में 40 अधिकारियों को प्रथम चरण में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें पॉक्सो और जेल सुविधाओं पर फोकस किया जाएगा।

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उजाला में 40 अधिकारियों की प्रथम चरण की ट्रेनिंग शुरू | Mohit Chauhan

उजाला में प्रथम चरण में 40 अधिकारियों की ट्रेनिंग होगी जिसमें सीओ, एडिशनल एसपी, साइकोलॉजिस्ट सहित अन्य शामिल किए जाएंगे। ट्रेनिंग में पॉक्सो, जेलों की सुविधाएं सहित कैदियों के विभिन्न प्रकरणों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी (उजाला) में प्रथम चरण में 40 अधिकारियों की ट्रेनिंग होगी जिसमें सीओ, एडिशनल एसपी, साइकोलॉजिस्ट सहित अन्य शामिल किए जाएंगे। ट्रेनिंग में पॉक्सो, जेलों की सुविधाएं सहित कैदियों के विभिन्न प्रकरणों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

हाईकोर्ट में जिला अदालत ऊधमसिंह नगर की ओर से एक पोलियोग्रस्त अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट में 20 साल की सजा व जुर्माने से दंडित किए जाने के खिलाफ अभियुक्त की रिहाई को लेकर दायर अपील पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान कोर्ट के पूर्व के आदेश के क्रम में आईजी ट्रेनिंग आनंद शंकर ताकवाले व्यक्तिगत रूप से तथा उजाला के निदेशक व अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हुए।

उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि उजाला में प्रथम चरण में 40 अधिकारियों की ट्रेनिंग होगी जिसमें सीओ , एडिशनल एसपी, साइकोलॉजिस्ट सहित अन्य शामिल किए जाएंगे। ट्रेनिंग में पॉक्सो, जेलों की सुविधाएं सहित कैदियों के विभिन्न प्रकरणों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईजी ट्रेनिंग ने कोर्ट को अवगत कराया कि इस संबंध में उनकी ओर से उजाला के निदेशक को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न चरणों में लगभग 3300 कर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

कोर्ट ने उजाला के निदेशक तथा आईजी ट्रेनिंग से विभिन्न सुझावों के साथ 22 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश होने को कहा। पूर्व में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था रेप के केस में आरोपी व पीड़ित को न्याय दिलाने में फोरेंसिक विभाग, जांच अधिकारी व डॉक्टर की अहम भूमिका होती है। अगर इसमें थोड़ा सा विरोधाभास होता है तो अदालत को न्याय देने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जो एक चिंतनीय विषय है। इसलिए इस पर विचार करना आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी।