भारत सरकार ने यूरोपीय कंपनियों को AI, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। चीन से निवेश की निर्भरता कम करने के लिए, यूरोप भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रहा है। भारत की कम लागत, बाजार और विकास क्षमता इसका मुख्य लाभ है। कंपनियों को लाभ मिल सकता है जैसे टाटा, रिलायंस, लार्सन टुब्रो, और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनियां।