CM Yogi Vidhansabha: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विधान परिषद् में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया। उन्होंने कहा- राज्यपाल के भाषण के दौरान विपक्ष का आचरण बेहद अपमानजनक रहा। महिला शक्ति का अपमान किया गया। विपक्ष से किसी भी तरह की उम्मीद करना बेवकूफी है।

सपा-कांग्रेस पर भड़के CM
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम् के सम्मान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। CM ने कहा- वंदे मातरम् का 150वां साल चल रहा। मैं पूछता हूं, सपा-कांग्रेस पार्टी आखिर इसका विरोध क्यों कर रहे है? इस देश में रहोगे और राष्ट्रीय गीत पर खड़े नहीं होगे? उन्होंने कहा कि सपा के लोग हमेशा गाजी मेले का समर्थन करते हैं। ये गाजी भारत की परंपरा को रौंदने के लिए आया था।
‘हमारी नियत और नीति साफ’
CM योगी ने कहा- पहले की सरकारों ने यूपी को अपराध का गढ़ बना दिया था। कर्फ्यू यहां की पहचान बन गई थी। लेकिन, आज डबल इंजन सरकार की नीति, साफ नियति, सुशासन के प्रति हम लोग यूपी को देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा बनाने में कामयाब हुए। CM योगी ने कहा कि जब सपा विकास की बात करती है, तो हमें हंसी आती है। इन्हें 4 बार मौका मिला, लेकिन किसी योजना को लेकर आगे नहीं बढ़ पाए। असल में इनका विकास का मॉडल दंगाइयों को पालने का था।
CM Yogi Vidhansabha: 3 उदाहरण
इसके लिए 3 उदाहरण बहुत हैं।
- JPNIC की DPR 200 करोड़ की बनी। 800 करोड़ खर्च हुए, फिर भी अधूरा है।
- गोमती रिवर फ्रंट- कुल 300 करोड़ रुपए की परियोजना, 1400 करोड़ खर्च हो गए फिर भी अधूरा।
- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का टेंडर रिलीज हुआ, लेकिन जमीन नहीं ली गई।
‘विधानसभा में सपा विहीन बनना’
आखिर में CM योगी ने कहा- सपा को कांग्रेस से सबक सीखना चाहिए। विधान परिषद तो कांग्रेस विहीन हो ही चुकी है। अगर विधानसभा में सपा विहीन बनना है, तो ऐसा ही व्यवहार करते रहिए। UP की नई पहचान को संकट में मत डालिए। एक जिम्मेदार विपक्ष का आचरण करेंगे तो जनता भी आपको सम्मान देगी।