CM Yogi 285 crore for kisan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थियों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
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CM ने 2.51 लाख किसानों के खातों में भेजे 285 करोड़ रुपये भेजे[/caption]
छात्रावास भवन का शिलान्यास
CM योगी ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय और मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास भवन और लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री योगी ने होली की शुभकामनाएं देते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ किसानों साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्नदाता किसान उन्नत खेती के माध्यम से राज्य की समृद्धि में योगदान देते रहेंगे।
CM Yogi 285 crore for kisan: किसानों को सौगात
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से बजट के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों के लिए ढेर सारी योजनाएं पास कराई गई हैं। आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पैसे पहुंच रहे हैं, बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई। लखनऊ समेत राज्य के सभी जनपदों में लाभार्थी परिवारों को इन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
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लाभार्थी परिवारों को मिला लाभ[/caption]
2.51 लाख किसान परिवारों को लाभ
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2.51 लाख किसान परिवारों को मिली 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। CM कहा कि फसल को सूखे-अतिवृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। आपदा के कारण नुकसान होता है तो भरपाई होती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए CM योगी ने कहा कि योजना के तहत पहले केवल किसान कवर होता था, उसके परिवार के सदस्य कवर नहीं होते थे।
डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बताया जा सकता है कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। राज्य में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है।