Sitapur Mosque Demolition: उत्तरप्रदेश के सीतापुर में सोमवार सुबह प्रशासन ने 12 साल पहले बनाई गई मस्जिद को बुलडोजर चलवाकर हटवा दिया। तहसीलदार कोर्ट में बेदखली के वाद में मस्जिद को हटाने का निर्णय हुआ था।
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'सैयद हजरत उमर फारूक’ मस्जिद[/caption]
सुबह 3 बजे पहुंचे अफसर
ADM नीतीश कुमार अफसरों के साथ सोमवार तड़के 3 बजे मौके पर पहुंचे। फिर बुलडोजर मंगाए गए। इसके बाद मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई। सुबह 8 बजे तक मस्जिद को जमींदोज कर दिया गया। मस्जिद जिला मुख्यालय से 42 km दूर लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के नयागांव बेहटी में बनी थी। अफसरों ने बताया- मस्जिद तालाब की जमीन पर बनाई गई थी।
500 पुलिसकर्मी तैनात
ग्राम सभा की शिकायत पर तहसील कोर्ट ने मस्जिद को गिराने का आदेश दिया। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान ADM, ASP, SDO समेत 500 पुलिसकर्मी तैनात रहे। मस्जिद के मौलाना अब्दुल रहमान ने कार्रवाई के खिलाफ कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। कहा- यह सियासी मसला है। इस पर कुछ कहना ठीक नहीं है।
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सुबह 3 बजे हुई कार्रवाई[/caption]
12 साल पुरानी मस्जिद
बता दे, नयागांव बेहटी में 12 साल पहले करीब डेढ़ बीघा जमीन पर मस्जिद ‘सैयद हजरत उमर फारूक’ का निर्माण कराया गया था। जमीन की कीमत 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मस्जिद के निर्माण में 1 करोड़ रुपए की लागत आई। मस्जिद में 120 फीट लंबा और 90 फीट चौड़ा एक हॉल बना था। इसके अलावा 4 छोटे-छोटे कमरे भी थे। मस्जिद की देखरेख की जिम्मेदारी मुतवल्ली आलम को दी गई थी। ग्राम सभा ने दावा किया था कि मस्जिद तालाब और कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई। 18 दिसंबर, 2025 को ग्राम सभा की ओर से अदालत में वाद दाखिल किया गया।
Sitapur Mosque Demolition: अवैध घोषित
कोर्ट से 6 जनवरी, 2026 को मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए मालिकान को बेदखल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने 15 दिन का नोटिस देकर मस्जिद से सामान हटा लेने की हिदायत दी थी। मियाद पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।