CM Dhami Cabinet Expansion: उत्तराखंड में जल्द बड़ा राजनीतिक हेरफेर देखने को मिल सकता है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद दिल्ली में डेरा डाल दिया है। इसके बाद उत्तराखंड में राजनेताओं की धड़कनें फिर बढ़ गई है।
धामी ने की नए अध्यक्ष से मुलाकात
मुख्यमंत्री धामी समेत कई नेता नए अध्यक्ष नितिन नबीन की भाजपा अध्यक्ष पर ताजपोशी के लिए दिल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी ने नितिन नबीन से भेंट कर इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। CM ने लिखा - निश्चित तौर पर आपके कुशल नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा और प्रत्येक कार्यकर्ता आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेगा।
CM Dhami Cabinet Expansion: विधायकों ने की CM से मुलाकात
इस बीच, सोमवार को रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सल्ट विधायक महेश जीना और पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री से भेंट की। इन सभी ने CM के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के पेज पर इन मुलाकातों के फोटो अपलोड होते ही उत्तराखंड के सियासी माहौल में थोड़ी गरमी आ गई। माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत उत्तराखंड सरकार मंत्रिमंडल विस्तार कर संगठन और सरकार दोनों को मजबूती दे सकती है।
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दिल्ली में BJP नेताओं ने डेरा डाला[/caption]
केंद्र ने मांगे विधायकों के ‘रिपोर्ट कार्ड’
सूत्रों की माने तो, मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले संभावित नए चेहरों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व ने विधायकों के “रिपोर्ट कार्ड” मंगवा लिए है। केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद ही लंबे समय से खाली चल रहे मंत्री पदों को भरे जाने की संभावना जताई जा रही है।
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सरकार में सिर्फ 6 मंत्री कार्यरत[/caption]
मंत्रिमंडल का हो सकता है विस्तार
CM Dhami Cabinet Expansion: बता दे कि वर्तमान में उत्तराखंड में CM समेत कुल 11 मंत्रियों की कैबिनेट होनी चाहिए, लेकिन अभी सरकार में सिर्फ 6 मंत्री कार्यरत हैं। यानी मंत्रिमंडल के 5 पद लंबे समय से खाली पड़े हुए हैं। राज्य सरकार के कार्यकाल का अब लगभग एक साल ही बचा हुआ है, ऐसे में चुनाव से पहले कुछ विधायकों को मंत्री पद मिलने की उम्मीद की जा रही है।
पिछले डेढ़ सालों में जब भी सीएम धामी दिल्ली दौरे पर गए हैं, तभी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि पहले कई बार अटकलें लगने के बावजूद भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पाया, लेकिन इस बार विधायकों की दिल्ली में सक्रियता ने इन चर्चाओं को और पुख्ता कर दिया है।