एक चालाक, लंगड़ा खलनायक जो शुद्ध वेस्टर्न यूपी एक्सेंट में बात करता है - सैफ ने इस किरदार को जिया नहीं, निगल लिया.
दिल चाहता है (2001) इस फिल्म ने जहां दोस्ती को नई परिभाषा दी, वहीं सैफ ने अपने किरदार में क्यूटनेस, कॉमिक टाइमिंग और ''वो लड़की है कहां'' जैसे आइकोनिक मोमेंट्स डाल दिए.
बीइंग साइरस (2005) मरे हुए जैसे भावों वाला एक रहस्यमयी ड्रिफ्टर जो खतरनाक इरादों से भरा हुआ है - सैफ को इस तरह देखना वाकई खास था.
हम तुम (2004) वो झगड़ालू, शिकायत करने वाला कार्टूनिस्ट जो धीरे-धीरे मैच्योर होता है. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला क्योंकि आसान दिखने वाली चीजें अक्सर मुश्किल होती हैं.