न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (पूजा, पटना)बिहार को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में नीतीश-सम्राट सरकार ने एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026’ को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना और साल 2030 तक कुल नए वाहनों में 30 प्रतिशत भागीदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की सुनिश्चित करना है।
महिलाओं के लिए खुला खजाना: कार पर 1 लाख की भारी छूट
राज्य सरकार ने इस नीति में आधी आबादी यानी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। परिवहन सचिव श्री राज कुमार के अनुसार, वर्ष 2026-27 के दौरान यदि कोई महिला इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन (कार) खरीदती है, तो उसे सरकार की ओर से सीधे 1 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वहीं, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वाली महिलाओं को 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का एक बड़ा जरिया बनेगी।
हर वर्ग को मिलेगा लाभ और टैक्स में 50 प्रतिशत की राहत
सरकार ने केवल महिलाओं ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए रियायतों की झड़ी लगा दी है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग को 10 हजार और SC/ST वर्ग को 12 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। वहीं, रोजगार के लिए इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन खरीदने पर 50 से 60 हजार रुपये तक का अनुदान तय किया गया है। इसके अलावा, बिहार में खरीदे और निबंधित होने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को मोटर वाहन कर (रोड टैक्स) में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी, जिससे आम जनता की जेब पर बोझ कम होगा।
प्रदूषण पर प्रहार और करोड़ों लीटर पेट्रोल की होगी बचत
इस दूरगामी नीति से बिहार के पर्यावरण में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। अनुमान है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से वर्ष 2030 तक राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ लीटर पेट्रोल और डीजल की बचत होगी। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि वायुमंडल में लाखों टन कार्बन उत्सर्जन रुकने से हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। सरकार पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर भी अतिरिक्त लाभ देगी ताकि सड़कों से प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियां हट सकें।
गांव-शहर में बिछेगा चार्जिंग स्टेशनों का जाल और बढ़ेगा रोजगार
चार्जिंग की समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है। अब होटल, शॉपिंग मॉल, पेट्रोल पंप और बहुमंजिला इमारतों में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना आसान होगा और इसके लिए सरकार विशेष अनुदान भी देगी। साथ ही, 'मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना' के माध्यम से युवाओं को इन वाहनों से जोड़कर स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधुनिक और सस्ती परिवहन सेवा का विस्तार होगा।