बेंगलुरु: कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सौम्या रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा को पत्र लिखकर इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया। 20 अगस्त 2026 को लिखे इस पत्र में सौम्या रेड्डी ने कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी 2 साल के लिए स्वीकार की थी। अपने कार्यकाल को उन्होंने सम्मान और खुशी का अनुभव बताया। हालांकि, उन्होंने कर्नाटक की कैबिनेट में एक भी महिला मंत्री नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।
2 साल की जिम्मेदारी पूरी करने के बाद इस्तीफे का अनुरोध
सौम्या रेड्डी ने अलका लांबा को लिखे पत्र में कहा कि जब उन्होंने कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था, तब उनकी प्रतिबद्धता 2 साल तक काम करने की थी। उन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाने का अवसर मिलने पर आभार जताया। साथ ही कहा कि वह इस पद पर रहते हुए महिलाओं के बीच काम कर सकीं, जो उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभवों को भी साझा किया।
कर्नाटक में महिलाओं के बीच जाकर किया काम
सौम्या रेड्डी ने बताया कि उन्होंने पूरे कर्नाटक का दौरा किया और महिलाओं से स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आर्थिक मामलों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को कांग्रेस पार्टी से जोड़ने का काम भी किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझना उनके लिए एक खास अनुभव रहा। उनके मुताबिक, इस काम के दौरान उन्हें महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने वाली योजनाओं के प्रभाव को करीब से देखने का मौका मिला।
‘5 गारंटी योजनाओं से जमीन पर आया बदलाव’
सौम्या रेड्डी ने कांग्रेस की पांच गारंटी योजनाओं के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इन योजनाओं का असर जमीन पर देखा है। उनके मुताबिक, इन योजनाओं ने महिलाओं के बीच एक तरह की क्रांति पैदा की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि पार्टी की ओर से दी गई 5 गारंटी का महिलाओं पर पड़ने वाला प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से देखना उनके लिए बेहद खास रहा। उन्होंने इस अनुभव को अपने कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया।
‘कर्नाटक कैबिनेट में अब तक एक भी महिला मंत्री नहीं’
सौम्या रेड्डी ने अपने पत्र में कांग्रेस नेतृत्व के सामने एक अहम सवाल भी उठाया। उन्होंने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा से अनुरोध किया कि वह इस मुद्दे को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाएं। उन्होंने लिखा,