संसद विशेष सत्र: लोकसभा सीटें, महिलाओं की आरक्षिता जारी

केंद्र सरकार विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया में लोकसभा सीटों में वृद्धि, महिला आरक्षण, और परिसीमन विधेयकों की चर्चा

केंद्र सरकार संविधान (131वां संशोधन), परिसीमन (संशोधन) और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयकों को संसद विशेष सत्र में पेश करने की संभावना में संकट। इनके पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है, जिसमें NDA और छोटी पार्टियों से समर्थन की आवश्यकता है। फिलहाल, विशेष सत्र की तिथि और विस्तृत योजना अभी निर्धारित नहीं की गई है।

By : Shyam Sundar Sharma
केंद्र सरकार विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया में लोकसभा सीटों में वृद्धि, महिला आरक्षण, और परिसीमन विधेयकों की चर्चा

केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। इस सत्र में लोकसभा की सीटें बढ़ाने, परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े तीन विधेयक पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार को दोनों सदनों में जरूरी दो-तिहाई बहुमत जुटाना होगा।

तीन अहम विधेयक पेश किए जाने की संभावना

प्रस्तावित विशेष सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पेश किए जाने की चर्चा है। इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी और महिला आरक्षण से जुड़ी व्यवस्था को आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।

पहले भी बहुमत जुटाने में नाकाम रही थी सरकार

इससे पहले 16 और 17 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई थी। उस समय लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका था। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मतदान में 528 सांसदों ने हिस्सा लिया। इनमें 298 वोट पक्ष में और 230 वोट विरोध में पड़े। जबकि विधेयक पारित कराने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।

लोकसभा में कितने सांसदों की जरूरत?

लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, जिनमें से तीन फिलहाल खाली बताई गई हैं। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, NDA के पास 318 सांसद हैं। वहीं, विधेयक पारित कराने के लिए करीब 360 वोटों की जरूरत बताई जा रही है। ऐसे में सरकार को अन्य दलों का समर्थन जुटाना होगा।

राज्यसभा में भी बहुमत की चुनौती

राज्यसभा में भी सरकार को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सदन में तीन सीटें खाली हैं और NDA के पास 153 सांसद हैं। विधेयक पारित कराने के लिए 162 वोटों की जरूरत बताई गई है। ऐसे में सरकार को छोटी पार्टियों के सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा।

DMK से समर्थन जुटाने की कोशिश

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार DMK समेत कुछ अन्य दलों से समर्थन हासिल करने के लिए बातचीत कर रही है। सरकार की कोशिश है कि विशेष सत्र से पहले सदन में अपने संख्याबल को मजबूत किया जाए। हालांकि, विभिन्न राजनीतिक दलों का अंतिम रुख और विधेयकों को लेकर उनकी सहमति स्पष्ट होना बाकी है।

मानसून सत्र के बाद से सत्रावसान नहीं

संसद के मानसून सत्र की अंतिम बैठक 13 अगस्त को हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके बाद दोनों सदनों का औपचारिक सत्रावसान नहीं किया गया है। इसी वजह से विशेष सत्र बुलाए जाने की अटकलें तेज हुई हैं। फिलहाल, विशेष सत्र की तारीख और विधेयकों को पेश करने को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों सदनों में जरूरी समर्थन जुटाने की होगी।

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Jul 15, 2026