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जादूगोड़ा/डेस्क: हाता–जादूगोड़ा मुख्य मार्ग स्थित मां रंकिणी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य को लेकर चल रहे विवाद के दूसरे दिन बुधवार को भी हल _ चल तेज रही. इधर पोटका विधायक संजीव सरदार के पुतला दहन पर सामाजिक कार्यकर्ता सिदेश्वर सरदार व सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था ने मंदिर परिसर स्थित धूमकुड़िया भवन में प्रेस कॉन्फ्रेस कर पोटका विधायक संजीव सरदार के पुतला दहन कण्ड पर चिंता जताई व घटना की घोर निंदा की व इसे निंदनीय बताया. इस संबंध मे कालिकापुर तरफ सरदार मुड़ा सिद्वेश्वर सरदार ने रंकिणी थान स्थित गिती ओड़ा (धुमकुड़िया) मे आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि भूमिज समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था सोहदा गादी के अंतर्गत आने वाले प्राचीन रंकिणी थान में वर्षों से विकास कार्य होते रहे हैं. करीब दो वर्ष पूर्व विधायक संजीव सरदार के प्रयास से झारखंड सरकार के वन विभाग द्वारा लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास की योजना शुरू की गई थी. कार्य प्रारंभ होने के बाद दो वर्षों तक किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था.
ग्रामसभा करके लिया गया है योजना
सिद्शेवर सरदार ने कहा कि वर्तमान में ग्रामसभा की अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि 19 मई 2024 को बड़ा झरना हिल में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्रामसभा आयोजित हुई थी, जिसमें स्थानीय मुखिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. इसके अलावा 26 मई 2024 को रोहिणीबेड़ा मौजा में ग्राम प्रधान गिरोश सरदार की अध्यक्षता में भी ग्रामसभा हुई थी, जिसका उल्लेख ग्रामसभा पंजी में दर्ज है.
रैयती भूमि दान देकर कराया गया विकास कार्य
सामाजिक कार्यकर्ता सिदेश्वर सरदार ने कहा क्षेत्र के आदिवासी समुदाय वर्षों से आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं और आज भी सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम है. रंकिणी थान के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य के रंकिणी थान मे सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य के लिये कोंदा भूमिज, पिता- रिदा भूमिज ने अपनी रैयती जमीन मौजा- रोहिणीबेड़ा, थाना-1336, खाता नंबर-57, प्लॉट नंबर- 94, रकवा-1.0 डी तथा मोहन भूमिज, पिता- मुचिया भूमिज, खाता नंबर- 88 एवं 89, प्लॉट नंबर- 92 एवं 93, रकवा- 36.0 डी. के साथ-साथ खतीयानी अवैध दखल जमीन दान मे दिये है, जहां फ्लाई ओवर, गार्डवाल, सीढ़ी, गिती: ओड़ा (धुमकुड़िया), विवाह मंडप का निर्माण झारखंड सरकार एवं पर्यटन विकास वन विभाग द्वारा किया गया है.
विकास को विवादित बनाने का प्रयास
तरफ सरदार मुड़ा श्री सरदार ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दिलाने में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक संजीव सरदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है . परंतु सरकार के विपक्ष से जुड़े कुछ बाहरी लोग राजनीतिक षड्यंत्र के तहत रंकिणी थान के विकास कार्य को विवाद का रूप देकर विधायक संजीव सरदार का पुतला दहन कर रहे हैं. सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था इसकी कड़ी निंदा करती है. उन्होंने कहा कि यदि किसी को योजना को लेकर आपत्ति थी तो संबंधित विभाग से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए थी, न कि विकास कार्य में बाधा उत्पन्न करनी चाहिए थी.
'दो आदिवासी समुदायों में वैमनस्य फैलाने की कोशिश'
सिद्धेश्वर सरदार ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व दो आदिवासी समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनकी मंशा कभी सफल नहीं होगी. समाज के लोग एकजुट हैं और किसी भी कीमत पर सामाजिक सौहार्द बिगड़ने नहीं देंगे.
माझी-परगना महाल, डीसी व मुख्यमंत्री को सौंपेंगे प्रतिवेदन
सामाजिक कार्यकर्ता सिदेश्वर सरदार ने कहा की इस पूरे मामले को लेकर सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही माझी-परगना महाल से मुलाकात करेगा. प्रतिनिधिमंडल पूरे मामले की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएगा तथा समाज में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों की जानकारी भी देगा. इसके बाद संयुक्त रूप से उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम एवं झारखंड के मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा.
ये रहे उपस्थित
पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य रूप से तरफ सरदार मुड़ा हिमांशु सरदार, तरफ सरदार मुड़ा हरिश चंद्र सिंह भूमिज, तरफ सरदार मुड़ा सुदर्शन भूमिज, गादी सरदार मुड़ा गौरी सरदार, गादी सरदार मुड़ा बासंती सरदार, गादी सरदार मुड़ा हेमंत सरदार, सरदार मुड़ा मनोरंजन सिंह, सरदार मुड़ा निमाई सरदार, सरदार मुड़ा सूरज सरदार, लखीराम सरदार, सरदार मुड़ा वीर सिंह सरदार, शांखो सरदार, सरदार मुड़ा संजय सरदार, सागर सरदार, रामेश्वर सरदार, अमल सरदार, सरदार मुड़ा बिरेश सरदार, रविंद्र सरदार आदि उपस्थित थे.