Real vs Fake Watermelon: गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल तरबूज अब सावधानी से खरीदने लायक हो गया है। हाल ही में मुंबई के पायधुनी इलाके में एक परिवार के कई सदस्यों की तरबूज खाने से मौत हो जाने की खबर ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। हालांकि मौत की असली वजह अभी जांच में है, लेकिन इस घटना ने तरबूज की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
तरबूज खरीदते समय क्यों जरूरी है सावधानी?
तरबूज शरीर को ठंडक देने और हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन लालच और केमिकल मिलावट के इस दौर में सही तरबूज चुनना बहुत जरूरी हो गया है। असली और नकली तरबूज पहचानने के कुछ आसान और कारगर तरीके हैं।

फील्ड स्पॉट (पीला पैच) की जांच
तरबूज का वह हिस्सा जो जमीन पर पड़ता है, वहां एक पीला धब्बा बनता है, जिसे Field Spot कहते हैं। अगर यह पैच गहरा पीला या नारंगी-पीला है, तो तरबूज बेल पर अच्छे से पक चुका है।
अगर पैच सफेद या हल्का हरा है, तो तरबूज कच्चा तोड़ा गया है और अंदर से फीका हो सकता है।
स्टेम (डंठल) की स्थिति
तरबूज की मिठास का सबसे बड़ा संकेत उसका डंठल होता है। अगर स्टेम पूरी तरह सूखी और भूरी है, तो यह तरबूज प्राकृतिक रूप से पका है और बहुत मीठा निकलने की संभावना होती है। अगर स्टेम हरी है, तो समझ लें कि इसे जबरदस्ती जल्दी तोड़ लिया गया था।

पीला पैच + सूखी स्टेम = परफेक्ट कॉम्बिनेशन
ओमकार शेजवाल के अनुसार, असली परख दोनों चीजों के कॉम्बिनेशन में है। अगर तरबूज पर गहरा पीला पैच है और उसकी स्टेम सूखी-भूरी है, तो यह 100% लाल, रसदार और मीठा होने की सबसे मजबूत निशानी है।
वजन, आकार और बनावट
अच्छा तरबूज वजन में भारी महसूस होना चाहिए। इसका आकार समान और गोल होना चाहिए। कहीं कोई उभार या गड्ढा नहीं होना चाहिए। जितना बड़ा दिखे, उससे ज्यादा भारी लगे तो समझें कि अंदर रस भरपूर है।

रंग और चमक
बहुत चमकदार और चिकना तरबूज अक्सर केमिकल से चमकाया गया होता है। पका हुआ मीठा तरबूज डार्क ग्रीन रंग का होता है, लेकिन उसकी सतह थोड़ी सुस्त (Matte) दिखती है। अगर तरबूज अत्यधिक चमक रहा है, तो सावधानी बरतें।
पानी में कटकर देखें
तरबूज काटने के बाद एक टुकड़ा पानी में डालकर देखें। अगर पानी तुरंत लाल हो जाए, तो इसमें कृत्रिम रंग मिलाया गया है। असली तरबूज अपना रंग इतनी जल्दी नहीं छोड़ता।