सड़क सुधार पहल उत्तराखंड

उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी मजबूती की दिशा में कदम CM धामी के प्रस्ताव पर सर्वे शुरू

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुधार के लिए चार महत्वपूर्ण मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

By : सोनिया रायकवार
उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी मजबूती की दिशा में कदम CM धामी के प्रस्ताव पर सर्वे शुरू

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रस्ताव पर राज्य की चार अहम सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) नेटवर्क में शामिल करने के लिए तकनीकी परीक्षण और सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन चार सड़कों की कुल लंबाई करीब 162 किलोमीटर है। इनमें अल्मोड़ा का सिकुड़ा बैंड–एनटीडी मार्ग, 45 किमी लंबा सेराघाट–बाड़ेछीना, 72 किमी लंबा मरचूला–भिकियासैंण और 44 किमी लंबा कालसी–चकराता मार्ग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने 24 जुलाई को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इन मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल करने का अनुरोध किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रस्तावों को संबंधित अधिकारियों के पास तकनीकी परीक्षण के लिए भेज दिया।

NH नेटवर्क में आने से क्या बदलेगा?

राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल होने के बाद इन सड़कों के विकास, मजबूती, चौड़ीकरण और रखरखाव के लिए केंद्र स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सकेगा। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश, भूस्खलन और चट्टान गिरने के कारण सड़कें अक्सर बाधित होती हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क से ऐसे मार्गों को मजबूत बनाने और आवाजाही को सुगम करने में मदद मिल सकती है।

मरीजों को अस्पताल पहुंचना होगा आसान

पर्वतीय गांवों में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है। खराब सड़क या भूस्खलन के कारण एंबुलेंस को कई बार लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। सड़कों की स्थिति बेहतर होने पर अल्मोड़ा, हल्द्वानी और देहरादून जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों तक पहुंच आसान हो सकती है। इसका सीधा फायदा बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को मिल सकता है।

किसानों को बाजार तक बेहतर कनेक्टिविटी

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में फल, सब्जियां, दूध और दूसरे स्थानीय उत्पाद बड़ी मात्रा में तैयार होते हैं। लेकिन खराब कनेक्टिविटी के कारण इन्हें बाजार तक पहुंचाना महंगा और मुश्किल होता है। बेहतर सड़क नेटवर्क से किसानों और बागवानों को मैदानी बाजारों तक उत्पाद पहुंचाने में समय और परिवहन लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

उत्तराखंड का पर्यटन काफी हद तक सड़क कनेक्टिविटी पर निर्भर है। मरचूला–भिकियासैंण और कालसी–चकराता जैसे मार्ग पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ते हैं। अगर इन सड़कों की कनेक्टिविटी मजबूत होती है तो छोटे कस्बों और गांवों में होमस्टे, होटल, टैक्सी, रेस्टोरेंट और स्थानीय उत्पादों से जुड़े रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

दूरस्थ गांवों तक जरूरी सामान की सप्लाई आसान

पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क बंद होने का असर सिर्फ यात्रियों पर नहीं पड़ता। राशन, दवाइयां, पेट्रोल-डीजल और निर्माण सामग्री की सप्लाई भी प्रभावित होती है। बेहतर और मजबूत सड़क नेटवर्क से दूरस्थ क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।

पलायन रोकने में भी मिल सकती है मदद

सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने का असर गांवों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। बाजार, अस्पताल, स्कूल और रोजगार केंद्रों तक पहुंच आसान होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहना सुविधाजनक हो सकता है। कृषि, बागवानी, पर्यटन और छोटे कारोबार के अवसर बढ़ने पर पलायन की समस्या को कम करने में अप्रत्यक्ष मदद मिलने की उम्मीद है।

सिर्फ NH बनने से खत्म नहीं होगी पूरी समस्या

हालांकि किसी सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल किया जाना महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इससे तुरंत सड़क का चौड़ीकरण या निर्माण शुरू नहीं हो जाता। इसके लिए तकनीकी परीक्षण, स्वीकृति, डीपीआर, भूमि संबंधी प्रक्रिया और निर्माण जैसे कई चरण पूरे करने होंगे। फिलहाल चारों प्रस्तावों का तकनीकी परीक्षण शुरू हो चुका है। यदि इन्हें मंजूरी मिलती है तो उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को बड़े राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता साफ होगा। इन सड़कों का असर सिर्फ सफर आसान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार तक पहुंच, पर्यटन, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।

संबंधित सामग्री

जनता की सुविधा से कोई समझौता नहीं! CM धामी ने सड़कों की बदहाली पर ली बैठक, अक्टूबर से खुद करेंगे निरीक्षण

जनता की सुविधा से कोई समझौता नहीं! CM धामी ने सड़कों की बदहाली पर ली बैठक, अक्टूबर से खुद करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए, जिसमें मानसून के बाद तत्काल काम शुरू करने का आदेश शामिल है।

जमाखोरों पर CM धामी का बड़ा एक्शन, किल्लत दिखाकर ज्यादा दाम वसूले तो होगी कड़ी कार्रवाई

जमाखोरों पर CM धामी का बड़ा एक्शन, किल्लत दिखाकर ज्यादा दाम वसूले तो होगी कड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं।

धामी कैबिनेट की बैठक आज, स्वास्थ्य-शिक्षा समेत कई अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

धामी कैबिनेट की बैठक आज, स्वास्थ्य-शिक्षा समेत कई अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसमें कई विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा होगी और अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

मिलावट-जमाखोरी पर धामी सरकार का चाबुक, हर जिले में ताबड़तोड़ जांच

मिलावट-जमाखोरी पर धामी सरकार का चाबुक, हर जिले में ताबड़तोड़ जांच

उत्तराखंड में त्योहारी सीजन पर नजर रखते हुए सरकार ने मिलावट और जमाखोरी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा टीमों ने निरीक्षण और सैंपलिंग की।

रोपवे परियोजनाओं पर CM धामी सख्त, 9 नवंबर तक धरातल पर दिखे काम

रोपवे परियोजनाओं पर CM धामी सख्त, 9 नवंबर तक धरातल पर दिखे काम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रोपवे परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया और काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।

Advertisement

Uk Add पहली बार क्षेत्रीय भाषा की फिल्मो को 50% 04 on 26 Aug 2026