भारत में 17 राज्य, 2 राजस्थान सहित वोटर लिस्ट अपडेट हेतु SSR

भारत में 17 राज्य और 17 केंद्रीय क्षेत्रों में वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए विशेष समरी रिवीजन (SSR) की घोषणा की गई है। नई मतदाताओं के नाम जोड़े जाने और पुराने सूची में गलतियों की सुधार की जाएगी, जिसमें युवाओं को मतदान के लिए तैयार करने के अवसर भी शामिल हैं।

भारत में चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और 17 केंद्रीय क्षेत्रों में वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए विशेष समरी रिवीजन (SSR) का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं के नाम शामिल किए जायेंगे और पुरानी सूची में गलत जानकारी को सुधारा जाएगा। इसमें युवाओं के लिए मतदान के लिए तैयार होने के अवसर भी शामिल हैं। इस कार्यक्रम को 12 नवम्बर 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने के लिए निर्धारित किया गया है।

By : Shyam Sundar Sharma
भारत में 17 राज्य और 17 केंद्रीय क्षेत्रों में वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए विशेष समरी रिवीजन (SSR) की घोषणा की गई है। नई मतदाताओं के नाम जोड़े जाने और पुराने सूची में गलतियों की सुधार की जाएगी, जिसमें युवाओं को मतदान के लिए तैयार करने के अवसर भी शामिल हैं।

चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और पहले से दर्ज जानकारी में गलतियों को सुधारा जाएगा। पहली बार वोट देने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी यह अहम मौका है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विवाद और विरोध जारी है।

12 नवंबर को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

चुनाव आयोग ने SSR के लिए कार्यक्रम निर्धारित किया है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 2 नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसके बाद 12 नवंबर को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित होगा। ड्राफ्ट सूची में नाम या अन्य जानकारी गलत होने पर मतदाता 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इनका निपटारा 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।

2027 में 18 साल के होने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन

SSR के तहत नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने पर खास ध्यान दिया जाएगा। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 के अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम आवेदन कर सकेंगे। इस व्यवस्था से उन युवाओं को मदद मिलेगी, जो 2027 में अलग-अलग तारीखों पर मतदान के लिए पात्र होंगे। पात्रता पूरी होने पर उनके नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

SIR विवाद के बीच आया SSR का आदेश

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर कई राज्यों में राजनीतिक बहस और विरोध देखने को मिला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, SIR की प्रक्रिया के दौरान 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा किया गया है। वहीं, SSR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना और दर्ज जानकारी में सुधार करना है। दोनों प्रक्रियाओं के उद्देश्य और तरीके अलग हैं। जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR जारी है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

यूपी समेत पांच राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव

वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट रखना चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं और उसका कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा। वहीं, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर की विधानसभाओं का कार्यकाल भी मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होना है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले भी चुनाव कराए जा सकते हैं।

मतदान केंद्रों की संख्या और दूरी पर भी ध्यान

चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या और उनके स्थान की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं। सामान्य तौर पर एक मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। जरूरत के मुताबिक नए मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा कि मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। इसके लिए हाईराइज सोसायटियों, रिहायशी कॉलोनियों और शहरी झुग्गी-बस्तियों में नए मतदान केंद्रों की जरूरत का आकलन किया जाएगा।

इन राज्यों में बाद में आएगा SSR का शेड्यूल

चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां SSR की तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं। फिलहाल SSR के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, जानकारी सुधारने और मतदान केंद्रों की व्यवस्था बेहतर करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मतदाताओं के लिए जरूरी है कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अपना नाम और अन्य विवरण जांच लें, ताकि किसी गलती की स्थिति में निर्धारित समय के भीतर सुधार के लिए आवेदन किया जा सके।

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