फिल्ममेकर नितेश तिवारी की मचअवेटेड फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होते ही छा गया है, जो अपने VFX, किरदार और कहानी को लेकर लोगों के बीच चर्चा में बना हुआ है। इसमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे कई बेहतरीन कलाकार महत्वपूर्ण किरदार में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में कई ऐसे स्टार भी दिखाई देंगे, जो इस फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा होंगे। हम बात कर रहे हैं सुरभि दास की, जो 4000 करोड़ में बनी 'रामायण' से बॉलीवुड डेब्यू करने के लिए तैयार हैं। टेलीविजन पर अपनी पहचान बनाने के बाद अब वह नितेश तिवारी की मोस्ट अवेटेड 'रामायण' में नजर आने वाली हैं।
'रामायण' से सुरभि दास करेंगी बॉलीवुड डेब्यू
अपने टेलीविजन करियर के लिए नॉर्थ-ईस्ट से मुंबई आईं सुरभि दास को नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' में एक अहम भूमिका मिली है। मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में सुरभि दास ने बताया कि उनका सफर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के लिए एक ऑडिशन से शुरू हुआ था। हालांकि, कन्फर्मेशन आने में लगभग दो महीने लग गए और तब तक वह अपने शो 'पांड्या ब्रदर्स' की शूटिंग शुरू कर चुकी थीं। सुरभि ने कहा:
सुरभि दास 'रामायण' में बनीं 'सीता' की बहन श्रुतकीर्ति
मनीकंट्रोल के साथ बातचीत में सुरभि ने दिवाली 2026 को रिलीज होने वाली 'रामायण' में रोल मिलने के बारे में बात की और अपने किरदार को लेकर बात की। उन्होंने कि वह श्रुतकीर्ति का किरदार निभा रही हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उर्मिला का किरदार नहीं निभा रही हूं। मैं श्रुतकीर्ति का किरदार निभा रही हूं, जो सीता की सबसे छोटी बहन और शत्रुघ्न की पत्नी हैं। मैं रामायण का हिस्सा बनने के लिए बहुत आभारी हूं, भले ही यह एक छोटा सा रोल हो। जब मुझे फोन आया तो मैं सोचती रही कि क्या मुझे सिर्फ शॉर्टलिस्ट किया गया है या फिल्म के लिए पक्का चुन लिया गया है। मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था। इतनी बड़ी स्टार कास्ट और इतने बड़े पैमाने पर बन रही फिल्म का हिस्सा बनना किसी सपने जैसा लग रहा था।'
'रामायण' के बाद सुरभि दास को मिले कई ऑफर
सुरभि दास ने कहा कि उन्हें लगातार मौके मिलते रहे। इस बारे में बात करते हुए, उन्होंने बताया कि 'जब मैं असम से आई थी तब मैं पहले से ही 'निमा डेंजोंगपा' कर रही थी। उसके बाद मैंने 'पांड्या स्टोर' किया। फिर मैंने टेलीविजन से दूर होने का फैसला किया। 'रामायण' में काम किया और अब मेरे पास दो और फिल्में हैं। मैं खुशकिस्मत रही हूं कि मुझे कभी भी काम के बिना लंबे समय तक खाली नहीं बैठना पड़ा।' वह 1971 की लड़ाई पर आधारित एक फिल्म में दिखाई देने वाली है। इसके अलावा विकास बहल की 'दिल का दरवाजा खोलना डार्लिंग' भी शामिल है।