नेशनल हाईवे पर हो जाए हादसा तो घबराए नहीं.. अब सिर्फ 10 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस

By News11 Bharat
नेशनल हाईवे पर हो जाए हादसा तो घबराए नहीं.. अब सिर्फ 10 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
देशभर में बढ़ते सड़क हादसों और समय पर इलाज नहीं मिलने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया हैं. अब अगर नेशनल हाईवे पर कोई दुर्घटना होती है तो घायल को मदद के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. नई व्यवस्था के तहत हाईवे पर हादसे की सूचना मिलते ही मात्र 10 मिनट के भीतर एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाएगी.
सरकार और NHAI की इस नई पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और घायलों को गोल्डन ऑवर के भीतर इलाज उपलब्ध कराना हैं.

गोल्डन ऑवर में मिलेगा जीवनदान
विशेषज्ञों के मुताबिक सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी “गोल्डन ऑवर” सबसे अहम माना जाता हैं. यदि इस दौरान घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए अब राष्ट्रीय राजमार्गों पर एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जा रही हैं. हर कुछ किलोमीटर पर एंबुलेंस को अलर्ट मोड में रखा जाएगा ताकि सूचना मिलते ही वे तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो सकें.

तकनीक से होगी त्वरित मदद
नई हाईवे इमरजेंसी व्यवस्था को हाईटेक तकनीक से जोड़ा गया हैं. सभी एंबुलेंस को जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और आधुनिक कम्युनिकेशन डिवाइस से लैस किया जा रहा हैं. जैसे ही किसी हादसे की सूचना कंट्रोल रूम या राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर मिलेगी, सबसे नजदीक मौजूद एंबुलेंस को तुरंत भेज दिया जाएगा. इससे मदद पहुंचने में होने वाली देरी काफी हद तक कम हो जाएगी.

AI और CCTV से तुरंत मिलेगा अलर्ट
अब हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे और AI आधारित एक्सीडेंट डिटेक्शन सिस्टम भी दुर्घटनाओं पर नजर रखेंगे. जैसे ही कोई हादसा होगा, कंट्रोल रूम को स्वतः अलर्ट मिल जाएगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कई मामलों में लोगों द्वारा सूचना दिए जाने का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा और राहत टीम तुरंत सक्रिय हो जाएगी.

1033 नंबर बनेगा सफर का सुरक्षा साथी
सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 अपने मोबाइल में सेव रखें. किसी भी इमरजेंसी, हादसे या मदद की जरूरत पड़ने पर इस नंबर पर तुरंत कॉल किया जा सकता हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था भारत के सड़क सुरक्षा सिस्टम में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. हर साल हजारों लोग सिर्फ इसलिए जान गंवा देते हैं क्योंकि उन्हें समय पर मेडिकल सहायता नहीं मिल पाती. 

अब 10 मिनट एंबुलेंस रिस्पॉन्स सिस्टम के लागू होने से न केवल लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी, बल्कि हाईवे यात्रा भी पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकेगी.

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