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रांची/डेस्क: बंगाल चुनाव के परिणाम के बाद हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रकांत रथ के मर्डर केस में CBI ने जांच करते हुए यूपी के बलिया से एक राज कुमार सिंह नाम के युवक को अपनी हिरासत में लिया था. CBI का मानना था कि इसी चंद्रकांत रथ की हत्या के पीछे इसी युवक का हाथ है. जिसे देखते हुए सीबीआई ने इस युवक को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी वहीं अब इस घटना में एक नया मोड सामने आया है. बताया जा रहा है कि CBI ने जल्दीबाजी में एक निर्दोष राज कुमार को अपनी हिरासत में ले लिया था. यह वह राज कुमार नहीं है जिसकी पुलिस और जांच एजेंसियां तलाश कर रही थीं. बताया जा रहा है कि जांच में आए रिपोर्ट के बाद CBI ने उसे रिलीज कर दिया है.
वहीं सीबीआई की गिरफ्त से छुटने के बाद राज सिंह ने कहा, 'मुझे गलत तरह से गिरफ्तार किया गया था. किसी और राज कुमार सिंह को पकड़ने के बजाय मुझे पकड़ लिया गया. मैं अपनी मां के साथ अयोध्या दर्शन के लिए गया था. जब वापस घर आया तो वहां पुलिस की टीम मौजूद थी जिन्होंने मुझे अरेस्ट कर लिया. न ही उन्होंने कोई बात सुनी और न ही सबूत मांगे.'
साथ ही राज सिंह ने पुलिसकर्मियों पर आरोप भी लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें 'एनकाउंटर' का भय दिखाते हुए गुनाह कबूल कर लेने के लिए कहा. जब उन्होंने गुनाह कबूल नहीं किया तो उन्हें कोलकाता ले जाया गया जहां सीआईडी ने उन्हें टॉर्चर किया और वह गुनाह कबूल करने के लिए कहा जो उन्होंने किया ही नहीं था. वहीं समय के साथ सीबीआई की जांच आगे बढ़ी और जांच में सामने आया कि मैं बेगुनाह हैं. वहीं जांच के बाद राज सिंह ने सीबीआई का शुक्रिया भी अदा की और कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की गई.
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