नई दिल्ली। देश की राजधानी से बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति कर दी है। मध्य प्रदेस के बीजेपी नेता डॉ ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया है। सूची में एक महिला नाम भी है। डॉ सुधा यादव को कर्नाटक की कमान सौंपी गई है।
किस राज्यपाल को कहां भेजा गया
जानकारी के अनुसार ओम प्रकाश माथुर केरलम के नए राज्यपाल बनाए गए हैं। वहीं, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु भेजा गया है। बृज मोहन राम ओडिशा संभालेंगे। वहीं, दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है।
एमपी के ढाल सिंह बिसेन और दुष्यंत गौतम
डॉ. ढाल सिंह बिसेन पेशे से डॉक्टर हैं। उनका जन्म 14 मई 1952 को सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ। 1990 से 2008 के बीच वे मध्य प्रदेश विधानसभा में चार कार्यकाल पूरे कर चुके हैं और 2003 से 2005 तक प्रदेश सरकार में मंत्री रहे। 2019 में बालाघाट से लोकसभा पहुंचे और 2024 तक सांसद रहे। दुष्यंत गौतम भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे बचपन से संघ की गतिविधियों से जुड़े रहे और बाद में पार्टी के प्रचार, संगठन और डिजिटल अभियानों में सक्रिय हुए। मार्च 2026 में उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया था।
माथुर और आर्लेकर का सफर
बता दें कि ओम प्रकाश माथुर बीजेपी के अनुभवी संगठनकर्ता हैं। उनका जन्म 2 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले के बेड़ल गांव में हुआ। वे पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य रह चुके हैं। इतना ही नहीं वह जुलाई 2024 से सिक्किम के राज्यपाल थे।
वहीं, दूसरे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की बात करें तो उनका जन्म 23 अप्रैल 1954 को पणजी में हुआ। वे गोवा बीजेपी के अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और राज्य सरकार के मंत्री रहे। हिमाचल प्रदेश और बिहार में भी राज्यपाल रह चुके हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने केरल का पद संभाला था।
बृज मोहन राम और सुधा यादव
बृज मोहन का जन्म 1 जनवरी 1958 को पलामू क्षेत्र में हुआ। यह इलाका उस वक्त बिहार में था और अब झारखंड में आता है। वे 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। इसके बाद 1996 से 2004 तक पलामू से लोकसभा पहुंचे।
-डॉ सुधा यादव हरियाणा के रेवाड़ी जिले की हैं और उनका जन्म 16 अक्टूबर 1965 को हुआ। रसायन विज्ञान में एमएससी और पीएचडी करने वाली सुधा यादव 1999 में मनेंद्रगढ़ से सांसद चुनी गईं और 2004 तक यह जिम्मेदारी संभाली। वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य रहीं और अगस्त 2022 में भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल की गईं।