उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रवि टम्टा इन दिनों अपने अनोखे आविष्कार को लेकर चर्चा में हैं। काफलीखान गांव के रहने वाले रवि ने इंटरनेट से तकनीकी जानकारी जुटाकर HAPIDA SKYNeX नाम का सिंगल-सीटर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल तैयार किया है, अगस्त 2026 में अल्मोड़ा में इसके प्रोटोटाइप की सफल टेस्ट फ्लाइट भी हुई।
रवि की यह कोशिश इसलिए खास है, क्योंकि उन्होंने इंजीनियरिंग की औपचारिक पढ़ाई के बिना इस प्रोजेक्ट पर काम किया । हालांकि यह अभी शुरुआती प्रोटोटाइप है, आम लोगों के इस्तेमाल के लिए तैयार कमर्शियल फ्लाइंग कार नहीं ।
पहाड़ों की मुश्किलों ने दिया उड़ने वाले वाहन का आइडिया
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में कई बार कम दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। घुमावदार सड़कें और अस्पताल तक पहुंचने में होने वाली देरी जैसी चुनौतियों ने रवि को पर्सनल एयर मोबिलिटी के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया ।
उन्होंने 2015 के आसपास इस दिशा में काम शुरू किया और अपनी कंपनी Hapida Sky Private Limited के जरिए प्रोटोटाइप तैयार किया। यह बैटरी से चलने वाला वाहन है जिसमें ड्रोन जैसी मल्टी-रोटर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है । इसकी खासियत वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग की क्षमता है ।
पिता मैकेनिक, इंटरनेट बना सीखने का जरिया
रवि ने शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल से की और बाद में बीए की डिग्री हासिल की। उनके पिता हरीश राम मैकेनिक हैं तकनीकी काम सीखने के लिए रवि ने इंटरनेट और अपने प्रयोगों का सहारा लिया । फ्लाइंग व्हीकल से पहले भी वे मोबाइल चार्ज करने वाले जूते, दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्मार्ट छड़ी और अन्य उपयोगी उपकरण बनाने जैसे प्रयोग कर चुके हैं ।
फिलहाल HAPIDA SKYNeX को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी परीक्षण और जरूरी विमानन मंजूरियां अहम होंगी । इसकी सफल टेस्ट फ्लाइट एक शुरुआती उपलब्धि है, लेकिन नियमित यात्री सेवा शुरू होने से पहले DGCA की सुरक्षा और नियामकीय शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।