नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को साइबर सुरक्षा और नागरिकों के निजी डेटा की सुरक्षा से जुड़े मामले में गंभीर चिंता सामने आई। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि यह आम जानकारी है कि भारतीयों का डेटा डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। इसी दिन शीर्ष अदालत ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की ओर से चार फ्रीज बैंक खातों को संचालित करने की मांग वाली याचिका पर भी राहत देने से इनकार कर दिया।
साइबर सुरक्षा और निजी डेटा पर अदालत की चिंता
अदालत ने बदलते साइबर खतरों के बीच व्यक्तिगत और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए मजबूत तकनीकी तथा कानूनी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि डिजिटल दौर में नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा एक गंभीर चुनौती है और इससे निपटने के लिए प्रभावी सुरक्षा तंत्र जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न संस्थानों के पास बड़ी मात्रा में नागरिकों का व्यक्तिगत डेटा उपलब्ध है। डेटा के दुरुपयोग और साइबर अपराधों के बढ़ते जोखिम के मद्देनजर अदालत ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत रेखांकित की।
TMC के चार बैंक खातों पर नहीं मिली राहत
दूसरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की ओर से चार फ्रीज बैंक खातों को संचालित करने की मांग वाली याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी बी वराले की पीठ ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार किया, जिसमें खातों को संचालित करने की अंतरिम अनुमति नहीं दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला पहले से ही कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने लंबित है और उसके गुण दोष पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि, शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया।
804 करोड़ रुपये से जुड़े हैं चार खाते
मामला चार इंडियन बैंक खातों से जुड़ा है, जिनमें डेबिट लेनदेन पर रोक लगाई गई है। इन चार खातों में करीब 804 करोड़ रुपये की राशि बताई गई है। TMC ने इन खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी थी। सुनवाई के दौरान TMC की ओर से दलील दी गई कि पार्टी को अपने रोजमर्रा के संचालन के लिए धन की जरूरत है। वहीं राज्य की ओर से जांच और खातों को फ्रीज किए जाने से जुड़े आरोपों का हवाला दिया गया। कोर्ट ने फिलहाल इन विवादित मुद्दों पर कोई राय व्यक्त नहीं की।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मामले के गुण दोष में नहीं जा रहा है। चार खातों में मौजूद रकम पर किस पक्ष का अधिकार है, इससे जुड़ा बड़ा विवाद अभी लंबित है। कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट को मामले की सुनवाई में तेजी लाने को कहा है।