MP L. Murugan Resigns: देश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार में सूचना और प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे एल. मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गई अपनी 5 पेज की लंबी चिट्ठी में उन्होंने न केवल मंत्री पद छोड़ने की इच्छा जताई है, बल्कि अपनी राज्यसभा की सदस्यता से भी मुक्त करने का अनुरोध किया है। मुरुगन ने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और अपने गृह राज्य तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है, लेकिन अब वे अपना पूरा समय तमिलनाडु में BJP को मजबूत करने के लिए समर्पित करना चाहते हैं।
मुरूगन का राजनीतिक सफर
एल. मुरुगन अनुसूचित जाति के अरुंथथियार समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। तमिलनाडु के नमक्कल जिले के कुनूर गांव में उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे और एक छोटे से घर में रहते थे। आरएसएस, एबीवीपी और भाजपा में करीब 30 सालों तक सक्रिय रहे। जब वे पहली बार मंत्री बने थे, तब भी उनके माता-पिता ने खेतों में काम करना और अपनी सामान्य दिनचर्या नहीं छोड़ी थी। इतना ही नही जब वे पार्टी प्रदेश अध्यक्ष रहे उस दौरान उनके पिता कोरोना टीकाकरण के लिए आम नागरिकों की तरह लाइन में खड़े नजर आए थे।
लड़ा था पिछला विधानसभा चुनाव
आपको बता दें कि इसी साल 4 मई को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणामों में एल. मुरुगन अविनाशी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे। इस मुकाबले में वे दूसरे स्थान पर रहे थे और उन्हें 56,200 से अधिक वोट मिले थे।
मध्य प्रदेश से थे राज्यसभा सांसद
यह भी बता दें कि तमिलनाडु के रहने वाले एल. मुरुगन मध्य प्रदेश कोटे से राज्यसभा सांसद चुने गए थे, और उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। अब उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि वे पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी तरह दक्षिणी राज्यों पर फोकस करेंगे।