Ravana Real Name

Ravana Real Name: क्या था रावण का असली नाम? कौन थे उनके माता-पिता? जानिए सबकुछ

आखिर रावण का असली नाम क्या था? रावण का जन्म कहां हुआ था, उनके माता-पिता कौन थे और उन्हें क्या वरदान प्राप्त थे? आइए पौराणिक ग्रंथों के आधार पर जानते हैं रावण के संपूर्ण जीवन का इतिहास।

By : विकास जैन
Ravana Real Name: क्या था रावण का असली नाम? कौन थे उनके माता-पिता? जानिए सबकुछ

Ravana Real Name: क्या था रावण का असली नाम? कौन थे उनके माता-पिता? जानिए सबकुछ

Ravana Real Name: हर साल विजयदशमी के मौके पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण के पुतले का दहन किया जाता है। दशहरे के मौके पर इंटरनेट पर रावण के जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात जानने की उत्सुकता बढ़ जाती है। लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि आखिर रावण का असली नाम क्या था? रावण का जन्म कहां हुआ था, उनके माता-पिता कौन थे और उन्हें क्या वरदान प्राप्त थे? आइए पौराणिक ग्रंथों के आधार पर जानते हैं रावण के संपूर्ण जीवन का इतिहास।

कहां हुआ था जन्म?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण लंका का एक पराक्रमी और ज्ञानी राजा था, जिसके दस सिर और बीस भुजाएं थीं। वह महर्षि विश्रवा और राक्षसी कैकसी का पुत्र था। विद्वान होने के बावजूद उसके अहंकार और अधर्म के कारण उसका पतन हुआ। माता सीता के अपहरण के बाद भगवान श्री राम ने उसका वध किया था। मान्यताओं के मुताबिक, रावण का जन्म उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित बिसरख गांव में हुआ था, हालांकि कुछ ग्रंथ लंका में उसके जन्म का जिक्र करते हैं।

माता-पिता: पिता ऋषि विश्रवा और माता कैकसी।
भाई-बहन: रावण के सगे भाई कुंभकरण और विभीषण थे, जबकि सौतेले भाइयों में खर, दूषण, अहिरावण और कुबेर शामिल थे। उसकी दो बहनें—शूर्पणखा और कुंभिनी थीं।
पत्नियां: उसकी मुख्य पत्नी मंदोदरी और दूसरी पत्नी धन्यमालिनी थीं। कुछ कथाओं में तीसरी पत्नी का भी उल्लेख मिलता है।

10 सिरों का रहस्य और वरदान

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की घोर तपस्या से रावण को दशानन होने का वरदान मिला था। उसके दस सिर मनुष्य के अंदर मौजूद 10 बुराइयों काम, क्रोध, लोभ, मोह, भ्रष्टाचार, भय, निष्ठुरता, अहंकार, ईर्ष्या और झूठ को दर्शाते हैं। उसे ब्रह्मा जी से यह वरदान था कि कोई भी देवता, गंधर्व या राक्षस उसका वध नहीं कर सकेगा, लेकिन उसने अपनी भूलवश मनुष्य को इस दायरे से बाहर रखा था, जिसके चलते भगवान राम ने मनुष्य रूप में उसका अंत किया।

रावण की पूजा कहां-कहां होती है?

देश में कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां रावण दहन की बजाय उसकी पूजा की जाती है। इनमें उत्तर प्रदेश का बिसरख गांव और कानपुर, मध्य प्रदेश के मंदसौर, विदिशा के रावन गावं और रावनग्राम, आंध्र प्रदेश का काकिनाडा हैं, जहां लोग रावण को विद्वान सम्राट के रूप में पूजते हैं।