विदेश। यमन के हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद मंगलवार को मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है। नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए जारी इस अलर्ट में लोगों से ऊंची इमारतों से दूर रहने और सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों को भीड़ और खुले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। कुछ समय बाद अधिकारियों ने बताया कि खतरा चल गया है। हालांकि, लोगों से भीड़ से दूरी बनाए रखने और किसी घटना की तस्वीर या वीडियो नहीं बनाने को कहा गया।
जेद्दा और ताइफ में भी जारी हुआ था अलर्ट
मंगलवार सुबह सऊदी अरब के जेद्दा और ताइफ में भी इसी तरह के इमरजेंसी अलर्टा जारी किए गए थे। स्थिति सामान्य होने के बाद इन अलर्ट को हटा दिया गया। बता दें कि हूती हमलों के बीच सऊदी अरब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ी हुई है। सोमवार को हूतियों ने खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ की दिशा में कई मिसाइल और ड्रोन दागे थे।
🚨 ब्रेकिंग: इतिहास में पहली बार।
⁰मक्का — करीब 2 अरब मुसलमानों का सबसे पवित्र स्थल — को पहली बार लाइव इमरजेंसी मिसाइल और ड्रोन चेतावनी मिली है।
जेद्दा, ताइफ, यनबू, अब्हा, जाज़ान और अलउला में भी यही अलर्ट बजा।
यह दक्षिणी सऊदी शहरों पर हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों के लगातार दिनों… pic.twitter.com/oAmgM7jU4F
हूती हमलों में 13 नागरिक घायल
सऊधी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, सोमवार को हमलों में कम से कर 13 नागरिक घायल हुए थे। मंगलवार को जारी बयान में अल-मलिकी ने सऊदी नागरिकों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को जानबूझकर किया गया हमला बताया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए इन हमलों का मजबूती से जवाब देगा। साथ ही हूतियों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी सैन्य कदम उठाए जाएंगे।
पिछले हफ्ते भी 73 लोग हुए थे घायल
हूतियों ने पिछले सप्ताह भी सऊदी अरब पर बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। अबहा, खमिस मुशैत, जाजान और नजरान शहर इन हमलों की चपेट में आए थे। इन हमलों में कम से कर 73 लोग घायल हुए थे। हमलों के बाद सऊधी अरब की कुछ ऊर्जा सुविधाओं का संचालन भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। ऐसे में मंगलवार को जारी इमरजेंसी अलर्ट ऐसे समय में आया है। जब सऊदी अरब के कई शहरों को लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।