Nobel Peace Prize 2026: नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने साल 2026 के प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार का ऐलान कर दिया है। इस बार यह सम्मान भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी वकील और पूर्व अंतरराष्ट्रीय जज नवनीतम नवी पिल्लै को देने की घोषणा की गई है। नोबेल समिति ने अंतरराष्ट्रीय कानून, मानव अधिकारों की रक्षा और रंगभेद के खिलाफ उनके असाधारण एवं जीवनपर्यंत योगदान के लिए उन्हें इस पुरस्कार से नवाजा है। नवी पिल्लै दक्षिण अफ्रीका के उच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाली पहली गैर-श्वेत महिला न्यायाधीश रही हैं।
रंगभेद के खिलाफ आवाज
'रॉयटर्स' के मुताबिक, नोबेल समिति ने कहा कि नवी पिल्लै का शुरुआती करियर रंगभेद विरोधी संघर्ष से जुड़ा रहा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला समेत कई स्वतंत्रता सेनानियों और राजनीतिक बंदियों के मानवाधिकारों की अदालत में मजबूती से पैरवी की थी। नवी पिल्लै वर्ष 2008 से 2014 के बीच संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
पुरस्कार राशि और तारीख
पुरस्कार स्वरूप उन्हें 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोना भारतीय मुद्रा में करीब 11.66 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। उन्हें यह सम्मान 10 दिसंबर 2026 को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। बता दें कि साल 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो को मिला था।
कौन हैं नवनीतम नवी पिल्लै?
नवी पिल्लै का जन्म 23 सितंबर 1941 को दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में एक भारतीय तमिल परिवार में हुआ था। एक साधारण वकील के रूप में करियर की शुरुआत कर अंतरराष्ट्रीय अदालतों में शीर्ष न्यायाधीश बनने तक का उनका सफर दुनिया भर में मानवाधिकारों और न्याय के समर्थकों के लिए एक महान प्रेरणा है।