विदेश। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी दोस्ती है। लेकिन यूक्रेन जंग पर मोदी हर बार अपनी बात रखते हैं। मॉस्को में वाल्दाई फोरम के मंच से पुतिन ने बताया कि मोदी जल्द से जल्द युद्ध खत्म होते देखना चाहते हैं। हर मुलाकात में वे शांति का रास्ता निकालने पर जोर देते हैं। पुतिन के मुताबिक मोदी के पास इसके लिए अच्छे सुझाव भी हैं। मोदी अब तक पांच मौकों पर अंतरराष्ट्रीय मंचों से यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठा चुके हैं।
सितंबर की मुलाकात में भी उठा था जंग का सवाल
पिछले महीने नई दिल्ली में हुए BRICS समिट से पहले दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। तब पुतिन ने मोदी को यूक्रेन में मौजूदा हालात और शांति की कोशिशों की जानकारी दी थी। फरवरी 2022 में शुरू हुई यह जंग अब भी जारी है और इसे रोकने के लिए कई स्तर पर बातचीत चल रही है। कुछ दिन पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव भी कह चुके हैं कि भारत की किसी भी शांति पहल का रूस स्वागत करेगा। उनका कहना था कि दोनों देश बातचीत और कूटनीति से विवाद सुलझाने के पक्ष में हैं।
भारत की विविधता पर क्या बोले पुतिन
पुतिन ने भारत की संस्कृति और एकता की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा देश और इतनी विविधता किसी को भी हैरान कर देती है। पुतिन ने बताया कि मोदी ने उन्हें खुद यह बात बताई थी कि भारत की करीब 1.5 अरब आबादी में लगभग 60 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। बाकी लोग अलग अलग भाषाएं बोलते हैं, फिर भी सब मिलकर रहते हैं। पुतिन के शब्दों में भारतीय संस्कृति में कुछ अनोखा है, जो दुनिया को सिखा सकता है कि विविधता बचाकर भी लोग साथ कैसे रह सकते हैं। सितंबर की मुलाकात में मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भी भेंट किया था।
🚨 The Russian President Vladimir Putin’s appreciation of PM Narendra Modi
For tireless efforts towards global peace brings immense pride to every Indian. pic.twitter.com/ImkTXxU2iZ
यूरोप को लेकर पुतिन की चेतावनी
वाल्दाई फोरम में पुतिन ने यूरोप पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रूस का किसी यूरोपीय देश पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन अगर रूस के किसी हिस्से पर हमला हुआ तो वह अपने सभी हथियारों का इस्तेमाल करेगा। पुतिन ने पश्चिमी देशों पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक ये देश आने वाले सालों में रूस से जंग की तैयारी की बात कर रहे हैं, बाल्टिक सागर में अभ्यास कर रहे हैं और रूसी जहाज जब्त कर रहे हैं।
कलिनिनग्राद पर मॉस्को की पुरानी चेतावनी
पुतिन का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब मॉस्को पहले ही NATO को आगाह कर चुका है। रूस ने कहा था कि अगर किसी NATO देश ने कलिनिनग्राद को बाकी रूस से काटने की कोशिश की, तो उसकी रक्षा के लिए परमाणु हथियार भी इस्तेमाल हो सकते हैं।