राजेश जायसवाल, महराजगंज: नेपाल में भारत के नए राजदूत के रूप में वरिष्ठ भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी सुधाकर दलेला की नियुक्ति की गई है। वहीं, निवर्तमान राजदूत नवीन श्रीवास्तव का कार्यकाल पूरा हो गया है। नेपाल में अपने कार्यकाल के दौरान श्रीवास्तव ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूती देने और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। विदाई के अवसर पर नेपाली भाषा में उनके संबोधन की भी काफी सराहना हुई और नेपाली जनता ने इसे खूब पसंद किया।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार ने सुधाकर दलेला की नियुक्ति से नेपाल सरकार को अवगत करा दिया है। वह जल्द ही काठमांडू पहुंचकर भारतीय राजदूत का कार्यभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को भारत-नेपाल संबंधों में निरंतरता बनाए रखने और द्विपक्षीय सहयोग के नए आयाम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुधाकर दलेला भारतीय विदेश सेवा के 1993 बैच के अधिकारी हैं। वह वर्तमान में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह भूटान में भारत के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। विदेश मंत्रालय में नेपाल और भूटान से संबंधित मामलों की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव भी उनके पास है। ऐसे में नेपाल में उनकी नई भूमिका को दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि नवीन श्रीवास्तव ने 25 जून 2022 को नेपाल में भारत के राजदूत का कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान भारत और नेपाल के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयास हुए। नेपाल में जेन-जी आंदोलन और उसके बाद हुए सत्ता परिवर्तन के दौर में भी वह घटनाक्रम के साक्षी रहे। वहीं, रसुवा-भोटेकोशी क्षेत्र में बाढ़ से मची तबाही के दौरान भारत और नेपाल के बीच समन्वय स्थापित कर राहत एवं सहायता प्रयासों में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया।
श्रीवास्तव के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच संपर्क व्यवस्था के विस्तार, सीमा पार ऊर्जा सहयोग और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने जैसे विषय प्रमुख रहे। उनके विदाई संबोधन में नेपाली भाषा का इस्तेमाल भी चर्चा का विषय बना। इससे दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक जुड़ाव और आपसी आत्मीयता की झलक देखने को मिली।
भारत और नेपाल के रिश्ते ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक आधार पर बेहद मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा, व्यापार, लोगों का आवागमन, बिजली का आदान-प्रदान और विभिन्न विकास परियोजनाएं द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में नए भारतीय राजदूत सुधाकर दलेला के सामने इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने, सीमा क्षेत्र की चुनौतियों पर समन्वय बढ़ाने और दोनों देशों की साझेदारी को नई गति देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।