Highlights
- अमेरिका की चेतावनी का ईरान ने दिया जवाब
- ईरान करेगा खाड़ी में बड़ा हमला
- ईरान ने जारी की है लिस्ट
ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले करने पर विचार कर रहा है। ट्रंप के इस बयान पर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। तस्नीम न्यूज़ के मुताबिक, तेहरान ने मिडिल ईस्ट में बड़ी तबाही मचाने की धमकी दी है। ईरान ने अमेरिका को करारा जवाब देने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है, जिसके तहत, अगर अमेरिका या इज़राइल अब ईरान पर नए हमले करते हैं, तो ईरान मध्य पूर्व के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से तबाह कर देगा, इसके लिए ईरान ने ऊर्जा से जुड़े अहम ठिकानों की सूची तैयार की है।
ईरान की लिस्ट, कहां कहां मचाएगा तबाही
- तस्नीम न्यूज़ के अनुसार, अपनी लिस्ट के मुताबिक ईरान सऊदी अरब के घावर ऑयल फ़ील्ड पर हमला करेगा, जो दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का 5 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा है।
- ईरान की सूची में अबकैक और खुराईस फ़ैसिलिटीज़ भी शामिल हैं, जहां रोज़ाना 70 लाख बैरल से ज़्यादा तेल का उत्पादन होता है।
- संयुक्त अरब अमीरात में जिन ठिकानों को निशाना बनाने की बात की गई है, उनमें ज़ाकुम ऑयल फ़ील्ड और रुवाइस रिफ़ाइनरी शामिल हैं; रुवाइस रिफ़ाइनरी में रोज़ाना दस लाख बैरल से ज़्यादा तेल प्रोसेस किया जाता है।
- कतर का नॉर्थ फ़ील्ड और रास लाफ़ान भी शामिल हैं; ये दोनों मिलकर दुनिया के कुल लिक्विफ़ाइड नेचुरल गैस (LNG) व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं।
- कुवैत का बुरगन ऑयल फ़ील्ड (जहां रोज़ाना लगभग बीस लाख बैरल तेल का उत्पादन होता है), बहरीन की सिट्रा रिफ़ाइनरी और अल-मिहाज, तथा इज़राइल के लेविआथन और तामार गैस फ़ील्ड शामिल हैं।
ट्रंप ने अंतिम फ़ैसला नहीं लिया है
यह ईरानी चेतावनी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ़ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने Axios को बताया कि ट्रंप आने वाले दिनों में ईरान के एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों पर हमले करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने अंतिम आदेश जारी नहीं किए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित बमबारी का मकसद ईरान पर दबाव डालना है ताकि वह युद्धविराम की चल रही बातचीत में अमेरिका की शर्तें मान ले। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन हमलों में कई हफ़्तों में पहली बार इज़राइली सेना शामिल हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, तनाव बढ़ने से ईरान की ओर से इज़राइल पर मिसाइल हमले हो सकते हैं।