प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह-बरकाकाना रेलखंड के छिपादोहर थाना क्षेत्र अंतर्गत करिमाटी केड़ गांव निवासी 18 वर्षीय रिंकेश भुइयां गुरुवार को एक दर्दनाक रेल हादसे का शिकार हो गया. रेलवे लाइन पार करने के दौरान वह मालगाड़ी की चपेट में आ गया, जिससे उसका दाहिना हाथ और बायां पैर कट गया. गंभीर रूप से घायल युवक काफी देर तक दर्द से तड़पता रहा और परिजन उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए जद्दोजहद करते रहे.
जानकारी के अनुसार घटना रेलवे पोल संख्या 249/10 के समीप हुई. हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने घायल युवक को किसी तरह घटनास्थल से निकालकर कुचिला की ओर ले जाना शुरू किया. परिजनों ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी. बाद में जब वे घायल युवक को लेकर ओटो के द्वारा कुचिला पहुंचे, तब बरवाडीह से एंबुलेंस वहां पहुंची और युवक को एंबुलेंस में लोड कर बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया.
इस दौरान काफी समय बर्बाद होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई. लोगों का कहना है कि छिपादोहर स्वास्थ्य केंद्र के लिए एंबुलेंस उपलब्ध रहने के बावजूद उसका अधिकांश समय बरवाडीह में रहना समझ से परे है. यदि एंबुलेंस अपने निर्धारित क्षेत्र में उपलब्ध रहती तो गंभीर रूप से घायल युवक को और तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा सकता था.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छिपादोहर स्वास्थ्य केंद्र को आवंटित एंबुलेंस का संचालन लंबे समय से सवालों के घेरे में है. कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है. लोगों का कहना है कि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति आज भी भगवान भरोसे है.
बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक डॉ. अमित कुमार सिंह ने युवक का प्राथमिक उपचार किया. उपचार में ड्रेसर कुंदन कुमार, एएनएम निशा कुमारी एवं भावना कुमारी ने सहयोग किया. युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच मेदिनीनगर रेफर कर दिया गया.
उधर, घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ इंस्पेक्टर राजेश मीणा के नेतृत्व में आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. टीम में सब इंस्पेक्टर आर.के. मिंज, बी.पी. सिंह, हेड कॉन्स्टेबल जे.के. मीणा एवं कॉन्स्टेबल रामभरोसी मीणा शामिल हैं.
इस हादसे ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब गंभीर रेल दुर्घटना में घायल युवक को भी समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल सके, तो ग्रामीण क्षेत्रों की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. ग्रामीणों ने मामले की जांच कर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार तथा छिपादोहर में एंबुलेंस की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है.
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