हेमंत सोरेन के ऐतिहासिक फैसले

छात्र हित में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ऐतिहासिक फैसले का स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया स्वागत

स्वस्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि हमारे बच्चे कई दिनों से अपने हक और भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन कर रहे थे.

By Ark Sahuliyar
छात्र हित में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ऐतिहासिक फैसले का स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया स्वागत

न्यूज़11 भारत 
रांची डेस्क:
स्वस्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि हमारे बच्चे कई दिनों से अपने हक और भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन कर रहे थे. उनकी पीड़ा और उनकी भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक कदम पीछे हटने का निर्णय लिया है. लगभग 6 घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से स्वीकार करते हुए JPSC-14, बैकलॉग 2023-25, JSSC-CGL और TDPL से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है. साथ ही 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया गया है.

डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि सरकार का एक कदम पीछे हटना कमजोरी नहीं, बल्कि अपने बच्चों की आवाज सुनने, उनकी पीड़ा समझने और उनके भविष्य को प्राथमिकता देने की ताकत है. हमारी सरकार के लिए सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे छात्र-युवाओं का भविष्य है. इस पूरे मामले में जननायक एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने लगातार युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया. उन्होंने आंदोलनरत छात्रों की पीड़ा को देखते हुए राज्य सरकार को पत्र भी लिखा और उनके हक की आवाज को आगे बढ़ाया. वहीं झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब ने भी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि मैं इस छात्र हितैषी और ऐतिहासिक फैसले के लिए लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी, जननायक राहुल गांधी जी और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब को विशेष रूप से बधाई एवं आभार व्यक्त करता हूं. यह सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों छात्र-युवाओं की मेहनत, उनके सपनों और उनके भविष्य का सम्मान है. अब सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी. गठित समिति छात्रों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और प्रतिष्ठित संस्थानों के सुझाव लेकर ऐसी व्यवस्था तैयार करेगी, जिसमें पारदर्शिता हो, निष्पक्षता हो और मेहनत करने वाले हर बच्चे को उसके अधिकार का भरोसा हो. हमारे बच्चे हमारा भविष्य हैं. उनकी आवाज सुनना हमारी जिम्मेदारी है और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारा संकल्प है.