ट्रिपल मर्डर केस

ट्रिपल मर्डर केस में पति, सास-ससुर और ननद को आजीवन कारावास की सजा

ट्रिपल मर्डर केस में पति, सास, ससुर और ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है. ट्रिपल मर्डर अवैध संबंध के शक में हुए थे. 2 बच्चे समेत एक महिला की निरसंश हत्या हुई थी.

By Ark Sahuliyar
ट्रिपल मर्डर केस में पति, सास-ससुर और ननद को आजीवन कारावास की सजा

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
ट्रिपल मर्डर केस में पति, सास, ससुर और ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है. ट्रिपल मर्डर अवैध संबंध के शक में हुए थे. 2 बच्चे समेत एक महिला की निरसंश हत्या हुई थी. महिला के पति ने सोशल मीडिया देख हत्या की साजिश रची थी. ममता देवी और उनके दो मासूम बच्चे की निर्मम हत्या के जुर्म में महिला के पति बिजेन्द्र राम, ससुर कमल राम, सास कोशिला देवी और ननंद रीमा देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी. सभी पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था. अपर न्याययुक्त अमित शेखर की कोर्ट ने यह सजा सुनाई. न्यायलय में हुई सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक सिद्धार्थ सिंह ने पक्ष रखा. उन्होंने महिला के पति और ससुर के बीच हुए फोन पर बातचीत और बचाव पक्ष के एक गवाह से घटना की वारदात उगलवाया था. ट्रिपल मर्डर का मामला 3 अप्रैल 2023 का ठाकुरगांव थाना क्षेत्र का है. महिला के पति विजेंद्र राम को शक था कि उनकी पत्नी ममता देवी का पडोसी के साथ अवैध संबंध है. पहला बेटा भी उसका नहीं है. जिस कारण विजेंद्र ने पत्नी की हत्या की साजिश रची. 

आरोपी पति ने हत्या की वारदात को अंजाम देने की कहानी सोशल मीडिया से सीखकर योजना बनाई. जिन्होंने नासिक से  अपने माता-पिता और बहन को हत्या की घटना को अंजाम देने को कहा. सभी ने  मिलकर पत्नी और बड़े बेटे की गला दबवाकर हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देते वक्त छोटा बेटा देख लिया. जिसके बाद उसकी भी हत्या गला दबाकर कर दी गई. तीनों की हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ठाकुरगांव के बगदाद जंगल में फेंक दिया और शव को आग लगा दी. जिससे सभी तीनों के शव 80 फीसदी जल गए, जिसकी पहचान नहीं हो पा रही थी. मृतिका के पिता ने ठाकुरगांव थाना में कांड संख्या 14/2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराया था. जिसमें कहा था कि दहेज उत्पीड़न के नाम पर ममता को लगातार परेशान और प्रताड़ित किया जाता था. पुलिस को ट्रिपल मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. दरअसल बरामद शव 80 फीसदी जल चुकी थी, जिस कारण पहचान नहीं हो पा रही थी. ठाकुरगांव थाना की पुलिस ने आसपास के जिलों को भी इस वारदात की जानकारी दी थी, ताकि शवों का शिनाख्त हो पाए. इसी दौरान रामगढ़ के थाने में एक महिला और दो बच्चों की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की तो हत्या की गुत्थी सुलझ गई. 7 अप्रैल 2023 को महिला के पति, सास-ससुर और ननद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

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