धर्मेंद्र शर्मा/न्यूज़11 भारत
निरसा/डेस्क: धनबाद जिले के मैथन रोड स्थित झिलिया पुल निर्माण कार्य के दौरान आवागमन के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्सन कल मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश में पूरी तरह बह गया. डायवर्सन बह जाने से हजारों लोगों का संपर्क प्रभावित हो गया है. आसपास के गांवों के लोगों के साथ-साथ कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों, स्कूली बच्चों तथा दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. डायवर्सन टूटने के कारण टोटो, ऑटो सहित छोटे वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है. रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है. इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण के दौरान बनाया गया डायवर्सन शुरू से ही कमजोर था. इसकी गुणवत्ता को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने संवेदक और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का ध्यान आकर्षित कराया था, लेकिन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए. नतीजतन बीती रात हुई तेज बारिश में डायवर्सन बह गया और हजारों लोगों की आवाजाही बाधित हो गई.
मुखिया तनवीर आलम ने कहा कि डायवर्सन निर्माण में बरती गई लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है. उन्होंने विभाग से अविलंब मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की.
वहीं भाकपा (माले) नेता नागेंद्र कुमार ने कहा कि झिलिया पुल निर्माण कार्य में हो रही अव्यवस्था "अंधेर नगरी चौपट राजा" की कहावत को चरितार्थ कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है. उन्होंने जिम्मेदार संवेदक एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए शीघ्र आवागमन बहाल करने की मांग की.
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डायवर्सन को दुरुस्त कर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे. फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से डायवर्सन बहने के बाद मरम्मत कार्य शुरू होने की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है.
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