झामुमो का पलटवार

के. एन. त्रिपाठी के बयान पर झामुमो का पलटवार, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जताई कड़ी आपत्ति

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने शनिवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मंत्री के. एन. त्रिपाठी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गृह विभाग छोड़ने की दी गई सलाह की कड़ी निंदा की.

By Ark Sahuliyar
के. एन. त्रिपाठी के बयान पर झामुमो का पलटवार, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जताई कड़ी आपत्ति

न्यूज़11 भारत 
पलामू/डेस्क:
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने शनिवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मंत्री के. एन. त्रिपाठी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गृह विभाग छोड़ने की दी गई सलाह की कड़ी निंदा की. जिला सचिव रंजन चंद्रवंशी के साथ केंद्रीय समिति सदस्य हाजी शमीम अहमद, वरिष्ठ नेता बबलू शाहनवाज, अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष फ़ज़ायल अहमद, रामनाथ चंद्रवंशी, एवं संयुक्त सचिव शाहबाज़ आलम सहित सभी नेताओं ने इसे गठबंधन की मर्यादा के विपरीत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

झामुमो नेताओं ने कहा कि नगर निगम चुनाव के समय से ही के. एन. त्रिपाठी लगातार झामुमो के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है, पर सार्वजनिक रूप से कटाक्ष करते रहे हैं. अब मुख्यमंत्री जी को गृह विभाग छोड़ने की सलाह देना पूरी तरह अनुचित और निंदनीय है. उन्होंने कहा कि त्रिपाठी स्वयं महागठबंधन के उम्मीदवार रहे हैं और उनके चुनाव प्रचार के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं पहुंचे थे. ऐसे में उन्हें गठबंधन की गरिमा और उस विश्वास का सम्मान करना चाहिए. कांग्रेस से कड़ी कार्यवाई करने की मांग भी की गई और साथ ही सबों ने कहा कि इससे गठबंधन को नुकसान होता है. 

मौके पर उपस्थित केंद्रीय समिति सदस्य हाजी ललन ने कहा कि उनके अपने लोग ही कह रहे हैं कि उनकी नज़दीकियाँ भाजपा विधायक सत्येंद्र तिवारी और पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही के साथ बढ़ गई हैं तथा वे भाजपा में शामिल होने वाले हैं. त्रिपाठी जी को बताना चाहिए कि क्या उन्होंने अब संघ की विचारधारा अपना ली है और वे कब भाजपा में शामिल होने वाले हैं. त्रिपाठी जी अल्पसंख्यों का ठेकेदार बनना बंद करें. झामुमो के जिला सचिव रंजन चंद्रवंशी ने कहा कि के. एन. त्रिपाठी अपने चुनाव में एक लाख वोट मिलने का दावा करते हैं, लेकिन यह समर्थन महागठबंधन, झामुमो की जनकल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व के कारण मिला था. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि त्रिपाठी महागठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ें, तो उनकी जमानत भी नहीं बचेगी. 

वहीं झामुमो नेता फ़ज़ायल अहमद ने कहा कि के. एन. त्रिपाठी लगातार अनर्गल बयानबाज़ी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व द्वारा त्रिपाठी को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस इस बात का प्रमाण है कि उनके बयान पार्टी की लाइन के अनुरूप नहीं हैं. फ़ज़ायल अहमद ने सवाल उठाया कि यदि त्रिपाठी वास्तव में अल्पसंख्यक समाज के इतने बड़े हितैषी हैं, तो नगर निगम चुनाव में उन्होंने किसी अल्पसंख्यक चेहरे को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम—हर चुनाव स्वयं लड़ने की प्रवृत्ति उनके दावों पर सवाल खड़े करती है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो नेताओं ने कहा कि गठबंधन के नेताओं को सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे के खिलाफ बयान देने के बजाय संगठन और गठबंधन की एकता को मजबूत करने की दिशा में कार्य करना चाहिए.