शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस

शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर झामुमो के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

झारखंड की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत, उनके बताए आदर्शों और विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि: केपी सोरेन 

By Ark Sahuliyar
शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर झामुमो के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

मधु सुदन/न्यूज़11 भारत 
सरायकेला/डेस्क:
सरायकेला जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कुनाबेड़ा चौक पर शनिवार को झारखंड आंदोलन के प्रमुख नायक और शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर झामुमो के नेताओं के द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इस दौरान झारखंड आंदोलन में उनके योगदान और बलिदान को याद किया गया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया. इस अवसर पर झामुमो नेता एवं शिक्षाविद प्रोफेसर कालीपद सोरेन ने शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया.

प्रो. कालीपद सोरेन ने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने झारखंड की पहचान, अधिकार और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनका संघर्ष केवल एक अलग राज्य के निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि वे झारखंड के लोगों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए भी लगातार संघर्षरत रहे. शहीद निर्मल महतो का जीवन और उनका संघर्ष आज भी झारखंड की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है. उनके बताए आदर्शों और विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भी शहीद निर्मल महतो के कई सपने अधूरे हैं. समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, आदिवासी- मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करना तथा जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना आज भी बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि शहीद निर्मल महतो के सपनों का झारखंड तभी बनाया जा सकता है, जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर राज्य के विकास और जनहित के लिए काम करें. युवाओं को उनके संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक बदलाव में अपनी भूमिका निभानी चाहिए.