छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हेमंत सरकार, CBI जांच से क्यों डर रही है सरकार: आदित्य साहू

प्रदेश अध्यक्ष ने आंदोलनरत छात्रों से की मुलाकात, सदर अस्पताल में जाकर अनशनकारी छात्रों का भी जाना कुशलक्षेम

By Ark Sahuliyar
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हेमंत सरकार, CBI जांच से क्यों डर रही है सरकार: आदित्य साहू

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड जाकर पीड़ित छात्र राहुल क्रांतिकारी ने मुलाक़ात उसका हाल चाल जाना, एवं जल्द स्वास्थ होने की कामना किया. वहाँ से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुँचकर छात्र आंदोलन में आमरण अनशन पर बैठे छात्र- छात्राओ और धरना से रहे विद्यार्थियों से मुलाक़ात किया. इस अवसर पर मंच से सभा को संबोधित करते हुए हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर सवालों के बावजूद सरकार केवल वार्ता और आश्वासन के नाम पर मामले को टालने का प्रयास कर रही है. यदि सरकार की नीयत साफ है तो पूरे मामले की CBI जांच की अनुशंसा करने से उन्हें डरना नहीं चाहिए. साथ ही सरकार जेपीएससी, जेएसएससी के 2019 से 2026 तक के सभी परीक्षा को रद्द करे.

आदित्य साहू ने कहा कि परीक्षाओं के परिणाम पार्ट-पार्ट में जारी करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है. छात्रों के बीच यह सवाल है कि 152 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को जॉइनिंग दी जा रही है, जबकि 172 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को जॉइनिंग नहीं मिल रही है. आखिर ऐसी विसंगतियां क्यों हैं? सरकार को इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल आश्वासन की नहीं, बल्कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की है. छात्रों का स्पष्ट कहना है कि CBI जांच हो. अगर सरकार की नीयत साफ है तो वह तत्काल CBI जांच की अनुशंसा करे. केवल वार्ता करके इस पूरे मामले को खत्म नहीं किया जा सकता. 

उन्होंने कहा कि जिस जिस राज्य में कांग्रेस के समर्थन से या कांग्रेस की सरकार रही है वहां इसी प्रकार के अन्याय का इतिहास आजादी के बाद  रहा है. कांग्रेस द्वारा झारखंड के आंदोलन को पहले खरीदने काम किया गया, अब युवाओं के भविष्य को बेचने का काम किया जा रहा है. आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के आवाज को दबाना चाहते हैं. अगर राहुल गांधी में नैतिकता है तो युवाओं के आवाज को बुलंद करें और छात्रों की जो सीबीआई जांच की डिमांड है, उसकी तत्काल अनुशंसा करवाएं.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रिजल्ट आने के बाद पैसे के लेन-देन और बिचौलियों से जुड़े गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं. ऐसे मामलों में सरकार को यह बताना चाहिए कि यदि किसी के पास प्रमाण हैं और आरोप गंभीर हैं तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि सरकार में थोड़ी भी नैतिकता और राज्य के युवाओं के भविष्य की चिंता है तो उसे छात्रों की मांग स्वीकार करते हुए CBI जांच करानी चाहिए. उन्होंने CID जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार पर ही गंभीर आरोप लग रहे हों, तब सरकार के प्रभाव के दायरे में रहने वाली जांच एजेंसी से जांच कराने पर छात्रों का भरोसा कैसे कायम होगा? छात्रों को ऐसी जांच चाहिए जिस पर पूरे राज्य को विश्वास हो. CBI जांच से सरकार क्यों डर रही है, यह सवाल आज झारखंड का हर युवा पूछ रहा है.

आदित्य साहू ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि यह केवल कुछ छात्रों का आंदोलन नहीं है. झारखंड के करोड़ों लोगों की भावनाएं युवाओं के साथ हैं. छात्र अपने रोजगार, अपने अधिकार और अपने भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं. सरकार को उनकी आवाज दबाने या आंदोलन को तोड़ने के बजाय उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव अभूतपूर्व होगा. पूरे राज्य से छात्र इसमें शामिल होने के लिए पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन सरकार को जगाने का काम करेगा. छात्रों से टकराने और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का परिणाम सरकार को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है.” झारखंड के युवा आज अपने अधिकार और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं. सरकार को छात्रों की ताकत को समझना चाहिए और इससे पहले कि स्थिति और गंभीर हो, उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब समय आश्वासन का नहीं, कार्रवाई का है. राज्य सरकार तत्काल CBI जांच की अनुशंसा करे, सभी परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित करे और छात्रों के भविष्य से जुड़े तमाम सवालों का स्पष्ट जवाब दे.

वहीं प्रदेश अध्यक्ष ने ABVP के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज को बर्बरतापूर्ण कार्रवाई बतलाया. कहा कि ये लोग शांतिपूर्वक घेराव कर रहे थे, लेकिन उन पर बर्बरता से लाठियां बरसाई गईं. सरकार ने उनसे वार्ता क्यों नहीं की? उन्हें बुलाकर बात क्यों नहीं की? साफ दिख रहा है कि सरकार जोड़-तोड़ और तोड़-फोड़ की घटिया राजनीति कर रही है. झारखंड की जनता और छात्र सब देख रहे हैं, यह तानाशाही अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस अवसर पर भानु प्रताप शाही, गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह, प्रतुल शाहदेव, अशोक बड़ाईक, अमित मंडल, संदीप वर्मा, आरती कुजूर, मृत्युंजय शर्मा, सतीश सिन्हा, नीरज सिंह, राहुल अवस्थी, रजनीश पांडेय, शशांक राज, वरुण साहू, रोमित नारायण सिंह सहित कई लोग शामिल थे.