नगर निगम

नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, जनता सब देख रही है: सूर्यांश प्रताप सिंह

युवा कांग्रेस नेता ने उठाए टेंडर मैनेजमेंट, कुत्ता बंध्याकरण और कचरा डंपिंग से जुड़े गंभीर सवाल, आंदोलन की दी चेतावनी

By Ark Sahuliyar
नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, जनता सब देख रही है: सूर्यांश प्रताप सिंह

न्यूज़11 भारत 
पलामू/डेस्क:
मेदीनीनगर नगर निगम की बोर्ड बैठक में वार्ड पार्षदों के बहिष्कार के बाद युवा कांग्रेस के झारखंड प्रदेश के युवा नेता सूर्यांश प्रताप सिंह ने निगम प्रशासन, मेयर और अधिकारियों पर जोरदार हमला बोला है. 

उन्होंने कहा कि नगर निगम अब विकास का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, घोटालों और बंदरबांट का केंद्र बन चुका है. रविवार को ब्लू बर्ड होटल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सूर्यांश सिंह ने आरोप लगाया कि निगम के दो कर्मचारियों विष्णु राम और वीरेंद्र चंद्रवंशी पर गंभीर आरोप लगने के बावजूद बोर्ड बैठक में उन्हें बचाने की कोशिश की गई. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में यह खेल चल रहा है? यदि कर्मचारी बेदाग हैं तो जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, और यदि वे दोषी हैं तो उन पर कार्रवाई करने से परहेज क्यों किया जा रहा है.

संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कुत्तों के बंध्याकरण के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मुद्दा उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि निगम को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि किस वार्ड से कितने कुत्ते पकड़े गए, कितनों का बंध्याकरण हुआ और किस आधार पर भुगतान किया गया, क्योंकि जनता के पैसे की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. टेंडर प्रक्रिया पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर कार्यालय में पारदर्शिता की जगह "टेंडर मैनेजमेंट" का खेल चल रहा है. घर बैठकर टेंडर तय किए जा रहे हैं, जिससे नगर निगम को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है और ईमानदार संवेदकों के अधिकारों का खुला हनन किया जा रहा है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं, बल्कि मनमानी और संरक्षणवाद का जीता-जागता उदाहरण बताया.

युवा कांग्रेस नेता ने शाहपुर कचरा डंपिंग स्थल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां के स्थानीय लोगों को जहरीली बदबू और प्रदूषण के बीच जीने के लिए छोड़ दिया गया है. आधुनिक तकनीक से कचरे का निस्तारण पूरी तरह संभव है, लेकिन नगर निगम को जनता की सेहत से ज्यादा अपनी व्यवस्था बचाने की चिंता है. इसके साथ ही, बरसात में शहरभर में होने वाले जलजमाव पर उन्होंने कहा कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि पहली ही बारिश में सड़कें तालाब बन जाएं, तो यह भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रमाण है. जनता टैक्स दे रही है, लेकिन बदले में उसे सिर्फ गंदगी, जलजमाव और बदहाल व्यवस्था मिल रही है.

सूर्यांश प्रताप सिंह ने निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नगर निगम ने इन सभी मामलों—विष्णु राम और वीरेंद्र चंद्रवंशी प्रकरण, कुत्ता बंध्याकरण घोटाला, टेंडर प्रबंधन, शाहपुर कचरा डंप और जलजमाव—पर तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो वे आम जनता के साथ मिलकर सड़क से लेकर सदन तक व्यापक जनआंदोलन छेड़ेंगे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का दौर खत्म होगा और जनता के हर पैसे का हिसाब लिया जाएगा.