प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: जून की भीषण गर्मी के बीच बरवाडीह की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. हालात ऐसे हैं कि 24 घंटे में उपभोक्ताओं को मुश्किल से 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है. लगातार और अनियमित कटौती के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. दिन में तपती गर्मी और रात में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. बिजली विभाग की ओर से कम मेगावाट बिजली मिलने का तर्क दिया जा रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में यही कारण बताकर विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राज्य सरकार और बिजली विभाग क्षेत्र की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं. लगातार बिजली कटौती का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं रात क्या दिन में भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं. वहीं बाजार और व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं. बिजली आधारित छोटे व्यवसायों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
बरवाडीह व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज ने कहा कि भीषण गर्मी में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. बिजली संकट से आम जनता और व्यवसायी दोनों परेशान हैं. उन्होंने कहा कि कम मेगावाट मिलने का बहाना बनाकर विभाग अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता. यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो व्यवसायिक संघ जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगा. वहीं बुजुर्गों, बीमार लोगों और छोटे बच्चों की स्थिति सबसे अधिक दयनीय बनी हुई है. लोगों ने सरकार और बिजली विभाग से तत्काल नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
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