MP Police Recruitment Board: मध्यप्रदेश में पुलिस की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने का ड्राफ्ट लगभग तैयार कर लिया गया है। हालांकि, नया बोर्ड किस प्रशासनिक मॉडल पर काम करेगा और भर्तियों की चयन प्रक्रिया क्या होगी, इसे लेकर चार बिंदुओं पर गृह विभाग में मंथन जारी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नई व्यवस्था के तहत पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी या शारीरिक दक्षता परीक्षा?
मुख्य सचिव करेंगे ड्राफ्ट की समीक्षा
गृह विभाग द्वारा तैयार किए गए भर्ती बोर्ड के कई विकल्पों के ड्राफ्ट की समीक्षा 22 और 23 अक्टूबर को मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल द्वारा की जाएगी। मुख्य सचिव की हरी झंडी मिलने के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 अगस्त 2025 को राज्य में पुलिस भर्ती बोर्ड गठित करने की घोषणा की थी।
बोर्ड को लेकर 4 बड़े सवाल
चयन का आधार: भर्ती प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा होगी या शारीरिक दक्षता?
प्रशासनिक नियंत्रण: भर्ती बोर्ड स्वतंत्र स्वायत्त निकाय होगा या गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में कार्य करेगा?
नेतृत्व: भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष किसे नियुक्त किया जाएगा?
भर्ती का दायरा: क्या यह बोर्ड केवल पुलिस विभाग की भर्तियां करेगा या जेल, आबकारी, परिवहन जैसे अन्य विभागों की नियुक्तियां भी संभालेगा?
8,500 पदों की भर्ती पर होगा असर?
वर्तमान में मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षकों की भर्ती कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से संचालित होती है। ESB के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार 7,500 आरक्षक पदों की परीक्षा नवंबर से पहले और 1,000 आरक्षक चालक पदों की परीक्षा नवंबर में प्रस्तावित है। यदि नए पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन इन परीक्षाओं से पहले हो जाता है, तो भर्ती प्रक्रिया के आयोजन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला के अनुसार बोर्ड गठन की रूपरेखा तैयार है और अंतिम निर्णय जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।