अंकित पाण्डेय, कमरौली (अमेठी): औद्योगिक क्षेत्र कमरौली स्थित शालीमार ग्रुप की मुर्गी दाना फैक्ट्री में गुरुवार को हुए हादसे ने कामगारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मशीन की सफाई के दौरान मिक्सर की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।
सफाई के दौरान हादसा, एक परिवार में मातम
हादसा कमरौली औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-22 स्थित शालीमार ग्रुप की सी-1 इकाई में हुआ। मृतक की पहचान कमरौली के रोड नंबर तीन निवासी मुन्ना सिंह पुत्र चंदन सिंह के रूप में हुई है। वहीं, बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के पूरे लोहांगी निवासी धर्मराज यादव पुत्र ननकऊ गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री में मशीन की सफाई के दौरान दोनों मजदूर हादसे की चपेट में आ गए। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल धर्मराज यादव को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
मशीन बंद थी या चालू? जांच के बाद ही खुलेगा राज
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि मशीन की सफाई के दौरान सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। क्या सफाई से पहले मशीन को पूरी तरह बंद किया गया था? क्या मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। मशीन की सफाई जैसे जोखिम वाले कार्य के दौरान बरती गई सावधानियों की जानकारी सामने आने के बाद ही हादसे के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, घटना ने औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
घटनास्थल पर पहुंचे सीओ, पुलिस ने जुटाई जानकारी
हादसे की सूचना मिलते ही सीओ अतुल सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी ली। कमरौली थानाध्यक्ष मुकेश पटेल से पुलिस की कार्रवाई और मामले की विस्तृत जानकारी मिलने के बाद अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल हादसे में एक मजदूर की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में हादसे की वजह क्या सामने आती है और कामगारों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार व्यवस्था की क्या भूमिका रही।