राजेश जायसवाल,महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवा कस्बे में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रुपए की अदला-बदली का कारोबार चलने की चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि कस्बे में करीब दर्जनभर ऐसे लोग सक्रिय हैं, जो छोटी-छोटी दुकानों की आड़ में बड़े पैमाने पर करेंसी का लेनदेन करते हैं। दावा यह भी है कि इनमें से कुछ कारोबारियों ने पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है।
सूत्रों के अनुसार नौतनवा के हनुमान चौक, चावल मंडी, गांधी चौक , महादेव झारखंडी मंदिर सहित आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर ऐसे ठिकाने होने की चर्चा है, जहां कथित रूप से नेपाली और भारतीय मुद्रा की अदला-बदली का काम किया जाता है। आरोप है कि इन कारोबारियों के संपर्क में कई कैरियर भी हैं, जो बड़ी रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम करते हैं। इन कारोबारी के तमाम करियर नेपाल में पकड़े भी जा चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में रकम का आवागमन किस स्रोत से होता है और इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाता है, इसकी जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा किए जाने की जरूरत है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस नेटवर्क के तार नेपाल के अलावा भारत के दूसरे शहरों तथा कुछ अन्य देशों तक जुड़े होने की चर्चा है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं संदिग्ध कैरियर
बताया जाता है कि भारत व नेपाल में इन रुपए के कारोबारी के कैरियर बड़ी रकम के साथ पकड़े जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कथित बड़े कारोबारी कार्रवाई से बच जाते हैं और कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे सीमा क्षेत्र में सक्रिय वित्तीय नेटवर्क को लेकर सुरक्षा और जांच एजेंसियों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस कथित कारोबार से सोने की तस्करी का नेटवर्क भी जुड़े होने की चर्चा है। हालांकि सोने की तस्करी से संबंधित इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित जांच एजेंसियों से नौतनवा में बड़े पैमाने पर होने वाले संदिग्ध करेंसी लेनदेन की जांच, कारोबारियों के आय के स्रोत तथा सीमा पार रकम के आवागमन की पड़ताल कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार एजेंसियां इन चर्चाओं और आरोपों को लेकर कोई जांच शुरू करती हैं या नहीं।