MP IAS Usha Parmar: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने पन्ना पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वारंट की तामील कराते हुए कलेक्टर को 30 सितंबर 2026 तक हर हाल में अदालत में पेश किया जाए। पूरा मामला पन्ना कलेक्टर कार्यालय की एक सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी के नियमितीकरण के आदेश का समय पर पालन न करने और अवमानना से जुड़ा है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, पन्ना कलेक्टर कार्यालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहीं एक महिला कर्मचारी ने अपने सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को याचिका का निराकरण किया था और पन्ना कलेक्टर को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता के मामले पर 90 दिनों के अंदर निर्णय लें, लेकिन तय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कलेक्टर कार्यालय द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर दी।
गैरहाजिर रहने पर भड़का हाईकोर्ट
अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पन्ना कलेक्टर की उपस्थिति अनिवार्य की थी। हालांकि, प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद न तो कलेक्टर कोर्ट में उपस्थित हुईं और न ही उनके अधिवक्ता की ओर से कोई कारण बताते हुए उपस्थिति दर्ज कराई गई। जिसके बाद अदालत ने प्रशासनिक लापरवाही और कोर्ट की गैरहाजिरी पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
पन्ना एसपी को सौंपी जिम्मेदारी
हाईकोर्ट ने पन्ना के पुलिस अधीक्षक को निर्देश जारी किए हैं कि वे जारी वारंट की तामील कराएं और पन्ना कलेक्टर को 30 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष पेश करें।