अंकित पाण्डेय, गौरीगंज,अमेठी: पत्रकारों पर हो रही कार्रवाई और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को लेकर पत्रकार एसोसिएशन (उत्तर प्रदेश) ने सोमवार को जिलाधिकारी अमेठी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने हरियाणा में पत्रकारों की हिरासत के मामले पर रोष जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
पत्रकारों की हिरासत पर जताई नाराजगी
एसोसिएशन ने हरियाणा में नशाखोरी से संबंधित खबर दिखाने के मामले में 'लिविंग इंडिया' और 'हिंदी ख़बर' के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल तथा एक महिला पत्रकार समेत चार लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। संगठन का कहना है कि पत्रकारों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है।
संविधान में मिले अधिकारों का दिया हवाला
ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) का उल्लेख करते हुए कहा गया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। पत्रकारों को खबरों के माध्यम से जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार है। एसोसिएशन ने मांग की कि पत्रकारिता से जुड़े मामलों में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि पत्रकार बिना दबाव के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
प्रधानमंत्री के साथ गृह मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को भी भेजी प्रतियां
पत्रकार एसोसिएशन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की। ज्ञापन की प्रतियां हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को भी भेजी गई हैं। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन पाण्डेय, चन्द्रिका मौर्य, विकास शुक्ला, अंकित पाण्डेय, विकास तिवारी और सुमित शुक्ला समेत कई पत्रकार मौजूद रहे। संगठन ने पत्रकारों की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।