बलरामपुर। जिले की छह ग्राम पंचायतों में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपये का वित्तीय लेनदेन करने का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत सचिवालयों में कंप्यूटर और आधिकारिक पंचायत गेटवे की सुविधा होने के बावजूद मई से जुलाई के बीच 4.60 लाख रुपये से अधिक का भुगतान बाहर से कर दिया गया। पंचायती राज विभाग की समीक्षा में संदिग्ध भुगतान उजागर होते ही महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीआरओ ने संबंधित पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, एक मई से 31 जुलाई के बीच सिरसिया में 5,000 रुपये, बनकटवा टिकुलीगढ़ में 37,077 रुपये, रजडेरवा थारू में 2,42,459 रुपये, मोतीपुर सेमरी में 93,572 रुपये और सुगानगर में 82,500 रुपये का भुगतान बाहर से किया गया। इसके अलावा सुगानगर डुमरी में तीन बार में 82,192 रुपये की रकम निकाली गई, जबकि वहां विभागीय रिकॉर्ड में पंचायत गेटवे स्थापित दर्ज है। इस मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव व सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से भी जवाब मांगा गया है।
प्रशासन को आशंका है कि प्रशासकों और सचिवों की आपसी मिलीभगत से निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी कर निजी व्यक्तियों के माध्यम से यह खेल किया गया। विभाग अब केवल भुगतान के तरीके की ही नहीं, बल्कि यह भी जांच कर रहा है कि जिन विकास कार्यों के नाम पर यह रकम निकाली गई, वे धरातल पर हुए भी हैं या नहीं। डीपीआरओ अशोक सचान ने बताया कि पंचायत सचिवालय के बाहर से भुगतान का मामला समीक्षा में पकड़ में आया है। संबंधित सचिवों और कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और अभिलेखों की पड़ताल के बाद दोषियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।