श्रीनिवास त्रिपाठी, बाराबंकी: सरकारी कार्यालयों में जनशिकायतों के निस्तारण की स्थिति का आइना शिकायतकर्ताओं का फीडबैक बन गया है। एक से 18 अगस्त तक आइजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त अधिकारी फीडबैक की रिपोर्ट में कई विभागों के निस्तारण पर सवाल खड़े हुए हैं। 47.46 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण को संतोषजनक नहीं माना। रिपोर्ट में 140 शिकायतकर्ता संतुष्ट रहे।
रिपोर्ट में केवल शिकायत निस्तारण ही नहीं, बल्कि असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं से अधिकारियों के संपर्क और सर्वे की स्थिति भी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी के स्तर पर 155 असंतुष्ट फीडबैक में 219 का संबंधित अधिकारी द्वारा संपर्क किया जाना दर्ज है, जबकि 76 मामलों में संपर्क नहीं किया गया। इसी तरह 212 मामलों में सर्वे हुआ और 83 में सर्वे नहीं किया गया।
बिजली विभाग में 58.49 प्रतिशत फीडबैक असंतुष्ट
आईजीआरएस की अधिकारीवार सूची में बिजली विभाग की स्थिति भी गंभीर नजर आ रही है। अधिशासी अभियंता विद्युत के स्तर पर कुल 212 फीडबैक प्राप्त हुए। इनमें 88 शिकायतकर्ता संतुष्ट और 124 असंतुष्ट रहे। इस तरह असंतुष्ट फीडबैक का प्रतिशत 58.49 दर्ज हुआ। यानी दो सौ से अधिक फीडबैक में आधे से ज्यादा शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण पर असंतोष जताया।
राजस्व विभाग के अफसर भी फीडबैक में पीछे
तहसील स्तर पर भी शिकायतों के निस्तारण की तस्वीर बहुत बेहतर नहीं है। तहसीलदार नवाबगंज के स्तर पर 157 फीडबैक में 61 संतुष्ट और 96 असंतुष्ट रहे। असंतुष्ट फीडबैक का प्रतिशत 61.15 के आसपास रहा। उपजिलाधिकारी नवाबगंज के स्तर पर 77 फीडबैक में 36 संतुष्ट और 41 असंतुष्ट मिले। असंतुष्ट फीडबैक का प्रतिशत 53.25 दर्ज किया गया। तहसीलदार हैदरगढ़ के आईजीआरएस फीडबैक में 116 में 62 संतुष्ट और 54 असंतुष्ट रहे। वहीं तहसीलदार रामनगर के 54 फीडबैक में 28 संतुष्ट और 26 असंतुष्ट मिले। जिला समाज कल्याण अधिकारी के मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़े 55 फीडबैक में 29 संतुष्ट और 26 असंतुष्ट रहे।
नगर पालिका और जल निगम में भी असंतोष
नगर पालिका परिषद नवाबगंज के मुख्यमंत्री हेल्पलाइन फीडबैक में 31 में 16 संतुष्ट और 15 असंतुष्ट रहे। आईजीआरएस के 35 फीडबैक में 20 संतुष्ट और 15 असंतुष्ट दर्ज हुए। वहीं उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता के आईजीआरएस फीडबैक में 22 में 12 संतुष्ट और 10 असंतुष्ट रहे।
लक्ष्य 90 प्रतिशत संतोषजनक फीडबैक का
रिपोर्ट में संतोषजनक फीडबैक का 90 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की बात भी दर्ज है। इसके लिए पोर्टल पर पर्याप्त संख्या में संतोषजनक फीडबैक संदर्भ प्राप्त करने की आवश्यकता बताई गई है। इसका मतलब यह है कि अधिकारियों के सामने सिर्फ शिकायतों को निस्तारित करने की चुनौती नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को निस्तारण से संतुष्ट कराने की भी जिम्मेदारी है।
फीडबैक ने खोली निस्तारण की हकीकत
आईजीआरएस पर शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से लिया जाने वाला फीडबैक अब अधिकारियों की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण पैमाना बन रहा है। रिपोर्ट में संतुष्ट और असंतुष्ट फीडबैक के साथ यह भी दर्ज किया गया है कि संबंधित अधिकारी ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया या नहीं और सर्वे कराया गया अथवा नहीं। ऐसे में बड़ी संख्या में असंतुष्ट फीडबैक यह संकेत दे रहे हैं कि कई मामलों में कागज या पोर्टल पर शिकायत के निस्तारण और फरियादी की वास्तविक संतुष्टि के बीच अंतर बना हुआ है।