भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अफसर राकेश अग्रवाल की उनके घर में गला काटकर की गई हत्या के चार दिन बाद पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। फरार केयरटेकर वरुण कुमार की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। टीटी नगर की एसीपी अंकिता खातरकर के मुताबिक 33 साल के वरुण को पकड़ने के लिए बनी 12 विशेष टीमों के 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी देश के चार राज्यों में लगातार छापेमारी कर रहे हैं।
तीन दिन पहले ही रखा था केयरटेकर
1982 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल लंबे समय से बीमार थे। पंजाब के पटियाला जिले के नाभा के रहने वाले वरुण कुमार को घटना से सिर्फ तीन दिन पहले उनकी देखभाल के लिए रखा गया था। आरोप है कि 30 सितंबर को वरुण ने अग्रवाल का गला काट दिया और उनका मोबाइल लेकर भाग गया। बुधवार तड़के रातीबड़ थाना क्षेत्र में उनके घर से गला कटा शव मिला, तब वारदात का पता चला।
घर को उड़ाने की साजिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मौके पर हाथापाई या संघर्ष के निशान नहीं मिले। इससे अंदेशा है कि आरोपी ने अचानक या सोते समय हमला किया। हत्या के बाद सबूत मिटाने और मामले को हादसा दिखाने के लिए उसने रसोई गैस सिलेंडर का पाइप हटा दिया और बिजली की प्रेस चालू छोड़ दी। मकसद था कि गैस रिसने के बाद धमाका हो और पूरा घर जल जाए।
चार राज्यों में चल रही तलाश
भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इनाम का ऐलान किया, जिसके बाद ठिकानों पर दबिश तेज हो गई है। आरोपी पहले पुणे में काम कर चुका है, इसलिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। जांच अधिकारियों ने बताया कि वारदात की रात अग्रवाल की पत्नी ने उन्हें आधी रात के आसपास दवा दी थी। इसके बाद रात करीब एक बजे केयरटेकर को मकान से बाहर निकलते देखा गया। मकान में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, इसलिए पुलिस आसपास के इलाकों और रास्तों के फुटेज खंगाल रही है।
कलेक्टर से डीजी तक संभाले पद
मूल रूप से पंजाब के रहने वाले राकेश अग्रवाल 1982 में एमपी कैडर के आईएएस बने थे। उनके पास एलएलबी, राजनीति विज्ञान में एमए और एमबीए की डिग्रियां थीं। उन्होंने जिला कलेक्टर, सचिव और प्रमुख सचिव जैसे पदों पर काम किया। उनकी आखिरी पोस्टिंग भोपाल की नरोन्हा प्रशासन और प्रबंधकीय अकादमी के महानिदेशक के पद पर थी।