डॉ अतुल मोहन सिंह: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संसद भवन के बाहर साधु-संतों की भेषभूषा धारण कर प्रदर्शन करने और सनातन धर्म व साधु-संतों को कथित रूप से अपमानित करने के मामले में प्रयागराज की अदालत ने सांसद पप्पू यादव के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए उन्हें 11 अगस्त को अदालत में पेश होने का समन जारी किया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए सांसद पप्पू यादव पर BNS की धाराओं के तहत धारा 318(4), धारा 338, धारा 196, धारा 298 व 299 और धारा 356 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
दरसअल, उच्च न्यायालय अधिवक्ता और BJP विधि विभाग के प्रदेश सह-संयोजक सुशील कुमार मिश्रा ने अदालत में याचिका दाखिल कर पप्पू यादव पर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, अयोध्या श्री राम मंदिर से जुड़ी घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन के बाहर साधु-संतों की वेशभूषा पहनकर और गले में आपत्तिजनक तख्ती लटकाकर नकली दानपात्र रखा और चंदा चोरी का दिखावा किया।
सुशील कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया गया है कि इस तरह का ढोंग करके सनातन धर्म, हिंदू समुदाय और साधु-संतों को चोर व डाकू के रूप में पेश करने की कोशिश की गई, जिसका मकसद समाज में हिंसा फैलाना था। याचिका में कहा गया है कि विपक्षी सांसद के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधों के दर्जनों मामले दर्ज हैं, ऐसे में धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सांसद पप्पू यादव को नोटिस जारी कर 11 अगस्त को पेश होने का आदेश सुनाया है।