इंदौर। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर अलग अंदाज में प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले चीनी करीब 70 रुपये किलो थी और अब 60 रुपये के आसपास आ गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कीमत और कम हो सकती है। विजयवर्गीय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आजकल करीब 90 फीसदी लोग मीठा खाना पसंद नहीं करते और वह खुद भी मीठा नहीं खाते हैं।
‘मैं तो कहता हूं खूब महंगी हो जाए’
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चीनी की कीमत खूब बढ़ जाए तो भी उन्हें कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए राशन की दुकानों पर चीनी सस्ती मिलनी चाहिए, लेकिन बाकी लोगों के लिए महंगी चीनी ठीक है। उन्होंने कहा कि 40 साल की उम्र के बाद ज्यादा चीनी खाना डॉक्टर भी अच्छा नहीं मानते। विजयवर्गीय ने आयुर्वेद का हवाला देते हुए कहा कि चीनी की जगह एक बार गुड़ खा लेना बेहतर है।
रक्षाबंधन कार्यक्रम में पहुंचे थे विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय बुजुर्गों, दिव्यांग बच्चों और आश्रम की महिलाओं के साथ रक्षाबंधन मनाने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने चीनी की कीमतों पर यह टिप्पणी की। पूरे बयान के दौरान उनका अंदाज हल्का-फुल्का और मजाकिया नजर आया।
फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी दी प्रतिक्रिया
चीनी की बढ़ती कीमतों पर मंडला से भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि आजकल चीनी खाने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग शुगर की समस्या से परेशान हैं।
त्योहारी सीजन में बढ़ी चीनी की कीमत
त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही बाजार में चीनी की कीमतों को लेकर चर्चा बढ़ गई है। बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने कहा है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पिछले साल का बफर स्टॉक भी उपलब्ध होने की बात कही गई है।
इथेनॉल को लेकर भी उठे सवाल
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आलोचकों का कहना है कि इथेनॉल उत्पादन के कारण चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसी वजह से कीमतों में बढ़ोतरी हुई और आयात की जरूरत भी सामने आई। हालांकि इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन यानी ISMA ने देश में चीनी की कमी से इनकार किया है। संगठन का कहना है कि आने वाले समय में खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें नीचे आ सकती हैं।