Lucknow Navratri: शक्ति की उपासना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि के पहले दिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चंद्रिका देवी मंदिर में सन्नाटा पसरा रहा। गोमती नदी के जलस्तर और जलभराव के चलते प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों से मंदिर के कपाट बंद रखे गए, जिसके कारण पहले दिन दर्शन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही बैरंग लौटने को मजबूर हो गए।
आरती के बाद बंद किए कपाट
नवरात्रि की शुरुआत पर होने वाली आरती और भोग के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। पुलिस प्रशासन ने मंदिर मार्ग पर बैरियर और बैनर लगाकर लोगों के प्रवेश को बंद कर दिया है। बता दें कि कभी नवरात्रि के पहले दिन यहां जनसैलाब उमड़ता था, वहीं इस बार सिंह द्वार और मार्ग पर सन्नाटा छाया रहा। बताया जा रहा है कि मंदिर के कपाट बंद होने के चलते भक्तों की पुलिस से कहासुनी भी हुई।
जल्द दर्शन शुरू होने की उम्मीद
हालांकि राहत की खबर यह है कि क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर अब कम होने लगा है, जिससे मंदिर मार्ग पर जलभराव में कमी देखी जा रही है। स्थानीय श्रद्धालुओं और पंडा समाज का कहना है कि यदि पानी कम हो रहा है, तो दर्शन-पूजन की अनुमति दी जानी चाहिए। भक्तों की मांग है कि भले ही भीड़ को नियंत्रित करना पड़े, लेकिन मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद नहीं होने चाहिए।
दुकानदारों के सामने संकट
आपको बता दें कि मंदिर परिसर और आसपास प्रसाद, पूजन सामग्री की करीब 500 दुकानें बंद हो जाने से दुकानदारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। नवरात्रि के नौ दिनों में इन दुकानदारों के लिए आय का जरिया माना जाता है।